Purnima daan Muhurat:आज पूर्णिमा पर सत्यनारायण पूजा और दान कब करें? कथा के बाद चंद्र दर्शन से व्रत होगा पूरा
Purnima Satyanarayan Puja:बुद्ध पूर्णिमा आज यानी शुक्रवार को है। इस दिन लोग सत्यनाराण का व्रत और कथा करते हैं। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत को पूरा समझा जाता है।

बुद्ध पूर्णिमा आज यानी शुक्रवार को है। इस दिन लोग सत्यनाराण का व्रत और कथा करते हैं। शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत को पूरा समझा जाता है। इस दिन स्नान और दान के लिए कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध हैं। बुद्ध पूर्णिमा के दिन भद्रा सुबह 05 बजकर 41 मिनट से सुबह 10 बजे तक रहेगी। बुद्ध पूर्णिमा बहुत खास मानी जाती है, क्योंकि इस भगवान विष्णु के अवतार भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था।
पितरों के लिए क्या करें?
वैशाख पूर्णिमा पितरों को प्रसन्न करने के लिए भी खास तिथि मानी गई है। इस दिन सुबह पितरों को जल दें। उनके लिए दीपदान करें, इसके अलावा काले तिल और जल का दान करें। गाय के कंडों के अंगारों पर गुड़-घी अर्पित करके पितरों का ध्यान करना और पितरों के नाम जल से भरा पात्र, पंखा, चप्पल, छाता, घी, फल, चीनी, चावल और नमक का दान करें।
दान कब करें और पूजा कब करें?
अगर आप पूर्णिमा पर व्रत रखते हैं तो सत्यनारायण की पूजा शाम के समय करें। इसदिन पूजा के लिए प्रदोष का मुहूर्त ठीक रहता है और स्नान और दान के लिए सुबह का समय। वैशाख पूर्णिमा पर जल दान अक्षय फल देने वाला होता है।
कब निकलेगा चंद्रमा, व्रत कब होगा पूरा?
पचांग के अनुसार इस दिन चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे,भद्रा का नकारात्मक प्रभाव नहीं है। अगर आप व्रत रखते हैं तो चंद्र दर्शन कर पूर्णिमा व्रत का पारण किया जाता है शाम के समय। सामान्यत चंद्रमा के उदय होने और उन्हें अर्घ्य देने के बाद किया जाता है। चंद्रमा को दूध, जल और अक्षत से अर्घ्य दें और इसके पश्चात पूजा स्थल पर रखें। आज चंद्रमा शाम को 6:52 बजे निकल जाएगा।
मां लक्ष्मी और विष्णु जी की पूजा
वैशाख पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त से लेकर दोपहर तक माना जाता है, ज्योतिष शास्त्र और पंचांगों में उदयातिथि के अनुसार उसी दिन व्रत-पूजन किया जाता है। इसलिए उसी दिन सुबह स्नान, दान और पूजा करना उचित रहेगा। सुबह जल्दी स्नान करें, संभव हो तो पवित्र जल या गंगाजल का प्रयोग करें। घर के मंदिर में भगवान सत्यनारायण की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप जलाएं। पुष्प, चंदन, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। मंत्र-जप, ध्यान और शांत मन से प्रार्थना करें। दान करना बहुत शुभ माना जाता है, विशेषकर जल, अन्न, वस्त्र और जरूरतमंदों को दान। भगवान बुद्ध और मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें। रात्रि में चंद्रमा को अर्घ्य देना अनिवार्य माना जाता है।
लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
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