Vastu Tips: घर में पड़ा हुआ है पुराना कैलेंडर? होंगे ये 2 बड़े नुकसान, जानें हटाने का सही तरीका
क्या आपके घर में महीनों से पुराना कैलेंडर पड़ा ही रहता है? वास्तु शास्त्र के अनुसार ये पुराना कैलेंडर ही आपकी ग्रोथ में बड़ा ब्रेक लगाता है। तो चलिए जानते हैं कि इससे होने वाले 2 नुकसान कौन से हैं? साथ ही जानें पुराने कैलेंडर को हटाने का सही तरीका।

वास्तु शास्त्र में ये बात साफ-साफ कही जाती है कि हर घर में रखी हुई हर एक चीज का प्लेसमेंट सही होना चाहिए। अगर हर चीज का प्लेसमेंट सही है तो घर में हमेशा अच्छी एनर्जी बन रहेगी और इसका असर हमारे मूड के साथ-साथ हमारे करियर, रिश्ते और पैसों पर भी पड़ता है। अगर किसी तरह की कोई दिक्कत है तो भी उपाय के तौर पर वास्तु में चीजों को सही जगह पर रखना बताया जाता है। वहीं जो चीजें पुरानी हो जाती हैं तो उन्हें हटाने के कुछ तरीके भी बताए जाते हैं। ठीक यही नियम पुराने कैलेंडर पर भी लागू होती है। दरअसल वास्तु के नियम के हिसाब से घर में पुराना कैलेंडर रखना अच्छा नहीं माना जाता है। कई लोग महीनों या सालों तक पुराने कैलेंडर को रखे रहते हैं जोकि सही तरीका नहीं है। वास्तु के अनुसार पुराना कैलेंडर हमें कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है।
घर में पुराने कैलेंडर रखने से होते हैं ये 2 सबसे बड़े नुकसान-
1.पुराना कैलेंडर लाता है तरक्की में बाधा
वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर घर में काफी समय से पुराना कैलेंडर रखा जाए तो ये तरक्की में बाधा लाने लगता है। शास्त्र के नियम के हिसाब से दरअसल पुराना कैलेंडर अतीत का प्रतीक होता है और एनर्जी को होल्ड करता है। ऐसे में जब भी घर में पुराना कैलेंडर रखा जाएगा तो ये हमारी ग्रोथ में बाधा लाएगा। इसी वजह से घर हो या फिर ऑफिस कहीं पर भी पुराना कैलेंडर नहीं रखना चाहिए।
2.अटकेंगे सारे काम
शास्त्र के अनुसार पुराना कैलेंडर घर में रखने से आपके सारे काम धीरे-धीरे अटकते जाएंगे। अगर घर में पुराना कैलेंडर अभी तक टंगा है या कहीं रखा हुआ है तो ये हर काम में रुकावट पैदा करें। पुराना कैलेंडर बीते हुए समय और रुकी हुई एनर्जी का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में किसी भी नई शुरुआत के लिए देरी हो सकती है या फिर कोई फैसला लंबे समय तक अटका रह सकता है। अगर आप ये महसूस करते आए हैं कि लगातार मेहनत के बाद भी काम सफल नहीं हो रहा है या चीजें बार-बार अटक रही हैं तो बेहतर यही है कि आप समय रहते पुराना कैलेंडर घर से हटा दें।
पुराने कैलेंटर को हटाने का सही तरीका
नए साल के मौके पर ही आपको पुराने कैलेंडर को हटा देना चाहिए। अगर आपने इस साल ऐसा नहीं किया है या कभी भी नहीं किया है तो डरने की जरूरत नहीं है। ये बस देर आए दुरुस्त आए वाली बात है। आप अब पुराने कैलेंडर को हटा सकते हैं लेकिन इसे फाड़ना या जलाना नहीं है। आप इन्हें रीसाइकिल कर सकते हैं। या फिर किसी धार्मिक संस्था में आप इसे भेज सकते हैं। बस इसे घर में रखने की गलती ना करें।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
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हस्तरेखा शास्त्र


