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Karwa Chauth 2018 : यहां देखे करवाचौथ व्रत पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट और पूजा विधि

karwa chauth vrat puja vidhi

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karva chauth vrat puja widhi aur puja ka saman

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Karwa Chauth Vrat 2018: करवाचौथ का व्रत सभी शादीशुदा महिलाएं कल यानी 27 अक्टूबर को करेंगी। ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली के अनुसार, चतुर्थी तिथि 27 अक्टूबर को रात में 07:38 बजे शुरू हो रही है ऐसे में करवाचौथ का व्रत 27 अक्टूबर शनिवार को करना उचित रहेगा। करवाचौथ का व्रत जो महिलाएं पहली बार कर रही हैं उनके लिए करवाचौथ व्रत पूजा सामग्री और पूजा विधि के बारे में जानना जरूरी है। हम आपको यहां करवा चौथ की पूजा सामग्री और पूजा विधि के बारे में बताने जा रहे हैं। उम्मीद है कि यहां बताई गई आपके लिए करवाचौथ का व्रत को आसान बनाएंगी। जिन लोगों ने अभी तक करवा चौथ व्रत की पूजा सामग्री नहीं खरीदी, उनके लिए अभी एक दिन का टाइम बचा है।

करवा चौथ व्रत पूजा सामग्री : 

मिट्टी का टोंटीदार करवा, ढक्कन के साथ
शिव-पार्वती और भगवान गणेश की एक फोटो
करवाचौथ व्रत कथा की किताब
दीपक और घी में भीगी बाती
गौरी बनाने मिट्टी या गाय का गोबर
गेंहू
पानी का लोटा
लकड़ी का आसन या पटा
आटा छानने वाली छलनी
कच्चा दूध
कुमकुम
अगरबत्ती
फल- फूल
शहद
शुद्ध घी
दही, 
गंगाजल
चावल
मिठाई
लाल सिंदूर
महावर (रंग)
कंघी

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बिंदी
चूड़ियां
मेहंदी 
चुनरी
करवे की 11 या 21 तीलियां
बताशा और
हवन
आठ पूरियों की अठवारी, हलवा और दक्षिणा चढ़ाने के लिए पैसे


करवा चौथ व्रत विधान
उत्थान ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिर्विद पं दिवाकर त्रिपाठी पूर्वांचली ने बताया कि व्रत रखने वाली स्त्री सुबह नित्यकर्मों से निवृत्त होकर, स्नान और संध्या की आरती करके, आचमन के बाद संकल्प लेकर यह कहें कि मैं अपने सौभाग्य एंव पुत्र-पौत्रादि तथा अखंड सौभाग्य की ,अक्षय संपत्ति की प्राप्ति के लिए करवा चौथ का व्रत करूंगी। यह व्रत निराहार ही नहीं अपितु निर्जला के रूप में करना अधिक फलप्रद माना जाता है। इस व्रत में शिव-पार्वती, कार्तिकेय और गौरा का पूजन करने का विधान है।

करवा चौथ व्रत पूजन: 
चंद्रमा, शिव, पार्वती, स्वामी कार्तिकेय और गौरा की मूर्तियों की पूजा षोडशोपचार विधि से विधिवत करके एक तांबे या मिट्टी के पात्र में चावल, उड़द की दाल, सुहाग की सामग्री, जैसे- सिंदूर, चूडियां, शीशा, कंघी और रुपया रखकर उम्र में किसी बड़ी सुहागिन महिला या अपनी सास के पांव छूकर उन्हें भेंट करनी चाहिए। सायं बेला पर पुरोहित से कथा सुनें, दान-दक्षिणा दें। तत्पश्चात रात्रि में जब पूर्ण चंद्रोदय हो जाए तब चंद्रमा को छलनी से देखकर अर्घ्य दें। आरती उतारें और अपने पति का दर्शन करते हुए पूजा करें। इससे पति की उम्र लंबी होती है।उसके बाद पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलें।

करवा चौथ

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  • Web Title:Karwa Chauth 2018: see here the Karwa Chauth vrat samagri list and puja widhi according to shastras