मन में आने वाले गंदे विचारों से छुटकारा कैसे पाएं? प्रेमानंद जी महाराज से जानें

Jan 18, 2026 02:37 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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प्रेमानंद जी महाराज अपने सत्संगों में इस विषय पर बहुत सरल और गहरा उपदेश देते हैं। महाराज जी कहते हैं कि गंदे विचार मन की माया हैं, इन्हें दबाने या लड़ने से नहीं, बल्कि राधा नाम की शक्ति से दूर किया जा सकता है। ये विचार ना तो पूरी तरह मिटते हैं और ना ही इनसे लड़ना सही है।

मन में आने वाले गंदे विचारों से छुटकारा कैसे पाएं? प्रेमानंद जी महाराज से जानें

मन में आने वाले गंदे, नकारात्मक या अनुचित विचार हर व्यक्ति की समस्या हैं। ये विचार हमें अशांत करते हैं, एकाग्रता छीन लेते हैं और कई बार पाप की ओर ले जाते हैं। वृंदावन के संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज अपने सत्संगों में इस विषय पर बहुत सरल और गहरा उपदेश देते हैं। महाराज जी कहते हैं कि गंदे विचार मन की माया हैं, इन्हें दबाने या लड़ने से नहीं, बल्कि राधा नाम की शक्ति से दूर किया जा सकता है। ये विचार ना तो पूरी तरह मिटते हैं और ना ही इनसे लड़ना सही है। महाराज जी का मूल संदेश है - 'मन को राधा नाम में डुबो दें, गंदे विचार खुद भाग जाएंगे।' आइए महाराज जी के उपदेश से जानते हैं कि गंदे विचारों से छुटकारा कैसे पाएं।

गंदे विचारों को दबाने की बजाय राधा नाम में डुबो दें

प्रेमानंद जी महाराज बार-बार कहते हैं कि गंदे विचारों से लड़ेंगे तो वे और मजबूत हो जाएंगे। जब कोई गंदा विचार आए, तो उससे लड़ने या उसे दबाने की कोशिश मत करें। बस तुरंत 'राधे राधे' का नाम जपना शुरू कर दें। महाराज जी का अनुभव है कि राधा नाम की ध्वनि इतनी शुद्ध और शक्तिशाली है कि गंदे विचार उसमें घुल जाते हैं। नाम जपते ही विचार का वेग कम हो जाता है और मन शांत होने लगता है। यह सबसे सरल और सबसे प्रभावी तरीका है। जितना ज्यादा नाम जप करेंगे, उतना ही मन शुद्ध होता जाएगा।

मन को राधा-कृष्ण के स्वरूप में लीन करो

महाराज जी कहते हैं कि गंदे विचार तब आते हैं जब मन खाली या संसार की ओर भटकता है। उपाय: मन को राधा-कृष्ण के स्वरूप में लीन करें। जब गंदा विचार आए, तो तुरंत आंखें बंद कर लें और मन में राधा-कृष्ण की लीलाओं का चिंतन करें। वृंदावन की शोभा, यमुना तट, बांसुरी की धुन या राधा-कृष्ण की प्रेम-लीला याद करें। महाराज जी बताते हैं कि जब मन राधा-कृष्ण में डूब जाता है, तो गंदे विचारों के लिए जगह ही नहीं बचती है। रोज 10-15 मिनट राधा-कृष्ण का स्मरण करने से मन स्वाभाविक रूप से शुद्ध हो जाता है।

सत्संग और गुरु कृपा से मन को संभालें

प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, 'सत्संग से बड़ा कोई इलाज नहीं है।' गंदे विचारों से छुटकारा पाने के लिए रोज सत्संग सुनें, भजन सुनें या गुरु के वचन पढ़ें। महाराज जी कहते हैं कि जब मन कमजोर होता है, तब सत्संग उसे तुरंत मजबूत कर देता है। गुरु की कृपा से मन में राधा नाम की धारा बहने लगती है। अगर संभव हो, तो रोज महाराज जी के सत्संग सुनें या उनके भजन गाएं। सत्संग सुनने से मन की गंदगी धुल जाती है और गंदे विचार आने की शक्ति कम हो जाती है।

नियमित नाम जप और सात्विक जीवन अपनाओ

महाराज जी कहते हैं कि गंदे विचारों से स्थायी छुटकारा तभी मिलेगा, जब राधा नाम जप जीवन का हिस्सा बन जाए। रोज कम से कम 1 माला (108 बार) 'राधे राधे' का जप करें। जप करते समय मन में कोई दूसरा विचार ना आने दें। साथ ही सात्विक जीवन अपनाएं - तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज) से दूर रहें, क्रोध-ईर्ष्या त्यागें और सकारात्मक सोच रखें। महाराज जी का कहना है कि जब मन राधा नाम में लीन रहता है, तो गंदे विचार आने की हिम्मत नहीं करते। धीरे-धीरे मन पूरी तरह शुद्ध हो जाता है और सुख-शांति मिलती है।

प्रेमानंद जी महाराज का संदेश सरल है - गंदे विचारों से लड़ने के बजाय, उन्हें राधा नाम में डुबो दें। अनन्य नाम जप, सत्संग, गुरु कृपा और सात्विक जीवन से मन शुद्ध होता है। ऐसा करने से ना केवल गंदे विचार दूर होते हैं, बल्कि जीवन में राधा-कृष्ण की कृपा बनी रहती है। रोज राधा नाम जपे और मन को शुद्ध रखें।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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