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कुंडली के खराब ग्रह-नक्षत्र से बचने के लिए क्या करें? प्रेमानंद जी महाराज से जानें

कुंडली के खराब ग्रह-नक्षत्र से बचने के लिए क्या करें? प्रेमानंद जी महाराज से जानें

संक्षेप:

प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि ग्रह-नक्षत्र मनुष्य को बिगाड़ नहीं सकते, जब तक मन राधा नाम में नहीं डूबा है। खराब ग्रह-नक्षत्र मन में नकारात्मक विचार, चिंता और भय पैदा करते हैं। लेकिन राधा नाम जप से ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा कम हो जाती है।

Jan 20, 2026 03:59 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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ज्योतिष शास्त्र में कुंडली के खराब ग्रह-नक्षत्र, जैसे शनि, राहु, केतु या अन्य दोष, जीवन में तनाव, रुकावट, आर्थिक हानि, स्वास्थ्य समस्या और मानसिक अशांति लाते हैं। लेकिन वृंदावन के संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज बार-बार कहते हैं कि ग्रह-नक्षत्र कितने भी खराब क्यों ना हों, राधा नाम की शक्ति से सब कुछ बदल सकता है। महाराज जी का मूल संदेश है - 'जानकी नाथ सहाय करे जब कौन बिगाड़ करे नर तेरो' अर्थात जब जानकी नाथ सहाय हो जाते हैं, तो कोई मनुष्य या ग्रह बिगाड़ नहीं सकता है। ग्रह-दोष से बचने का सबसे बड़ा उपाय है - राधा नाम में लीन होना और भगवान पर पूर्ण समर्पण। आइए महाराज जी के उपदेश से जानते हैं कि कुंडली के खराब ग्रह-नक्षत्र से कैसे बचें।

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राधा नाम जप से ग्रह-दोष का प्रभाव कम होता है

प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि ग्रह-नक्षत्र मनुष्य को बिगाड़ नहीं सकते, जब तक मन राधा नाम में नहीं डूबा है। खराब ग्रह-नक्षत्र मन में नकारात्मक विचार, चिंता और भय पैदा करते हैं। लेकिन जब हम 'राधे राधे' का जप करते हैं, तो मन शुद्ध होता है और ग्रहों की नकारात्मक ऊर्जा कमजोर पड़ जाती है। रोज कम से कम 1 माला (108 बार) राधा नाम जप करें। जप करते समय मन में राधा-कृष्ण की लीला का चिंतन करें। महाराज जी का कहना है कि राधा नाम जप से शनि, राहु-केतु और अन्य ग्रहों का दुष्प्रभाव अपने आप कम हो जाता है। यह सबसे सरल और सबसे शक्तिशाली उपाय है।

ग्रह-दोष से बचने के लिए पूर्ण समर्पण और विनम्रता

महाराज जी बार-बार इस बात पर जोर देते हैं कि ग्रह-दोष का मूल कारण अहंकार और 'मैं' का भाव है। जब हम कहते हैं - 'मैं कुछ नहीं, सब कुछ राधा-कृष्ण का है,' तो ग्रहों की शक्ति हमारे ऊपर नहीं चलती है। रोज सुबह-शाम राधा-कृष्ण के चरणों में समर्पण का भाव रखें। 'जानकी नाथ सहाय करे जब कौन बिगाड़ करे नर तेरो' इस वचन को हृदय में धारण करें। महाराज जी कहते हैं कि जब हम पूर्ण विनम्रता और समर्पण से भगवान पर निर्भर हो जाते हैं, तो शनि या राहु जैसा कोई ग्रह भी हमें बिगाड़ नहीं पाता है। यह समर्पण ग्रह-दोष से सबसे बड़ी रक्षा है।

सत्संग और गुरु कृपा से ग्रह-दोष नष्ट होता है

प्रेमानंद जी महाराज का कहना है कि सत्संग से बड़ा कोई ग्रह-निवारक नहीं है। खराब ग्रह-नक्षत्र का प्रभाव तब बढ़ता है, जब मन संसार की ओर भटकता है। सत्संग सुनने से मन राधा-कृष्ण में लीन रहता है और ग्रहों का प्रभाव कम हो जाता है। वहीं गुरु कृपा से ग्रह-दोष का प्रभाव शून्य हो जाता है। महाराज जी कहते हैं कि गुरु और राधा नाम का स्मरण ग्रहों से बड़ी शक्ति है। यदि संभव हो तो गुरु से नाम जप की दीक्षा लें।

सात्विक जीवन और नियमित नाम जप से स्थायी लाभ

प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, 'ग्रह-दोष से बचने का स्थायी उपाय है सात्विक जीवन और राधा नाम जप।' तामसिक भोजन (मांस, मदिरा, लहसुन-प्याज), क्रोध, झूठ और नकारात्मक सोच से दूर रहें। रोज सुबह-शाम राधा नाम जप करें, सात्विक भोजन लें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और मन को शुद्ध रखें।

प्रेमानंद जी महाराज का उपदेश के मुताबिक, ग्रह-नक्षत्र मनुष्य से बड़े नहीं हैं। राधा नाम जप, समर्पण, सत्संग और सात्विक जीवन से ग्रह-दोष का प्रभाव खत्म हो जाता है। रोज राधा नाम जपें, मन को शुद्ध रखें और भगवान पर पूर्ण भरोसा रखें। ऐसा करने से जीवन में शांति और सफलता आएगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


विस्तृत बायो परिचय और अनुभव

डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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