
जीते-जी कौन सा काम मनुष्य को कर लेना जरूरी होता है? प्रेमानंद महाराज ने दिया ये जवाब
Premanand Maharaj Ekantit Vartalaap: प्रेमानंद महाराज ने अपने लेटेस्ट एकांतित वार्तालाप में उस कर्म के बारे में बताया है जो हर किसी को जीते-जी जरूर करना चाहिए। नीचे जानें कि प्रेमानंद महाराज ने इस बारे में क्या कहा है?
Premanand Maharaj Latest Pravachan: प्रेमानंद महाराज ने हाल में हुए एकांतित वार्तालाप के दौरान सबसे जरूरी कर्म को लेकर चर्चा की है। बता दें कि प्रेमानंद महाराज वृंदावन के जाने-माने संत हैं जो अपनी बातों से कई लोगों का मार्गदर्शन कर चुके हैं। हर दिन हजार की संख्या में लोग उनके पास पहुंच अपने-अपने सवाल पूछते हैं। हाल ही में एक महिला श्रद्धालु ने प्रेमानंद महाराज ने पूछा कि हम लोगों को जीते-जी कौन सा कर्म जरूर करना चाहिए? इस पर प्रेमानंद महाराज ने भगवत स्मरण का नाम लिया। साथ ही उन्होंने कई और जानकारियां भी दी। नीचे विस्तार से जानें उनके जवाब को...
जीवन नहीं होगा व्यर्थ
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि भगवत स्मरण का अभ्यास जरूर कर लेना चाहिए। अगर नहीं किया तो जीवन व्यर्थ हो जाएगा। अगर अभ्यास कर लिया और अंतिम समय राम-कृष्ण और हरि बोलकर चले गए तो भगवान के धाम को चले गए। पूरे जीवन का लाभ मिल गया। मृत्यु पर विजय प्राप्त कर लिया। इससे बड़ा कोई लाभ नहीं है। अंतिम समय में भगवान का स्मरण हो जाना, ये सबसे बड़ा लाभ है। इस लाभ के लिए हम जीवन भर अभ्यास करते हैं। हम राधा राधा, राम राम, कृष्ण कृष्ण, हरि हरि रटते हैं। जिससे भगवान की कृपा हम पर हो और अंतिम समय में हमारे मुख से नाम निकल जाए। यही हमारा सबसे बड़ा लाभ है।
रोज करना चाहिए नाम जप
प्रेमानंद महाराज ने आगे नाम जप के बारे में भी बात की है। उन्होंने कहा कि यही वो सबसे बड़ा कर्म है जिसे कर लेने के बाद फिर कभी जिंदगी में पश्चाताप नहीं होता है। फिर कोई प्रायश्चित नहीं रह जाता है। फिर कहीं भटकना नहीं रह जाता है। फिर जन्म-मरण का च्रक टूट जाता है। जो निरंतर अभ्यास करता है, तो उसके मुंह से अंतिम समय में भगवान का नाम निकल आता है इसीलिए निरंतर नाम जप का अभ्यास करते रहना जरूरी है।





