
काउंटर मशीन से जाप करने से मिलेगा फल? जानें इस पर क्या बोलें प्रेमानंद महाराज?
Premanand Maharaj Latest Pravachan: इन दिनों नाम जप के लिए काउंटर मशीन काफी पॉपुलर हो रहे हैं। वहीं कुछ लोगों के मन में सवाल होता है कि माला की जगह काउंटर मशीन ने नाम जपने से फल मिलता है? इस पर प्रेमानंद महाराज ने जवाब दिया है।
वृंदावन के जाने माने संत प्रेमानंद महाराज हमेशा नाम जाप करने की सलाह देते हैं। उनके अनुसार भागत-दौड़ती जिंदगी में नाम जप के लिए समय जरूर निकालना चाहिए। इससे मन भी शांत होता है और जिंदगी को सही राह मिलती है। वहीं बीते कुछ दिनों से नाम जप के लिए काउंटर काफी पॉपुलर हुए हैं। ऐसे में कुछ लोगों के मन में काउंटर को लेकर कई तरह के सवाल हैं। एक ऐसे ही शख्स ने प्रेमानंद महाराज के प्रवचन में पूछा कि क्या नाम जप लिए काउंटर का इस्तेमाल करने से फल मिलता है?

काउंटर मशीन पर बोलें प्रेमानंद महाराज
इस सवाल पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि काउंटर थोड़े गिन रहा है। जप तो जुबान रही है। काउंटर तो बस उसकी गिनती कर रहा है। काउंटर से कल्याण थोड़े ही होना है। कल्याण तो जुबान से जो नाप जप हो रहा है, उससे हो रहा है। किसी और की बात ना मानें। हम खुला कह रहे हैं कि काउंटर रखो। काउंटर जप नहीं कर रहा है। जप तुम्हारी जुबान कर रही है। वो सिर्फ आधार बना हुआ है और सुख मिलता है ये देखकर की 50 हजार जपा या 60 हजार जपा। उससे मन बढ़ रहा है। माना तुलसी जी पवित्र हैं।
काउंटर से होगा कल्याण
तुलसी का मनका पवित्र है लेकिन आज की आधुनिकता में कोई माला टांग के ऑफिस जा सकता है? हिम्मत है? उपहास...अच्छा हम बता रहे हैं कि माला का एक क्रम है कि 108 के बाद ही पूर्ति मानी जाएगी। आप 10 नाम जप करें और आपको कोई बात करनी हो ऑफिस में या कोई काम आ गया तो माला छोड़ दिया तो वो अधूरा रह गया। काउंटर में क्या होता है कि 10 के बाद हमने बात कर ली और फिर 11वें से शुरू कर दिया जप राधा राधा....हमें तो बहुत अच्छा लगा। हम तो कह रहे है कि जपो नाम। खूब नाम जप करो क्योंकि काउंटर नहीं बोल रहा है। तुम बोल रहे हो राधा राधा राधा....। तुम्हारा कल्याण होगा।
क्या छोड़ देनी चाहिए माला का जाप?
एक सवाल ये भी आया कि अब कुछ लोग सोचेंगे कि कि महाराज जी ने बोल दिया है तो अब माला से जाप नहीं करेंगे। इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि जहां तक माला की बात है तो आप इसे समझो कि आप स्नान ध्यान करके बैठो हो और माला हो तो वहां कर लीजिए। ऑफिस में आना है जाना है...कामकाज में है इंसान। आप एकांत में भी बैठकर काउंटर से जपोगे तो भी मंगल होगा। भगवान का नाम मंगल करता है। काउंटर और माला मंगल नहीं करता है और सबका मगंल होगा। सबका आनंद होगा। हम यहां वृंदावन से बैठे ये बात कह रहे हैं। काउंटर से भी वही लाभ होगा जो माला से होगा। आप जपकर तो देखो। माला को निषेध नहीं कह रहे हैं लेकिन जो बच्चे हैं उनको सुविधा मिल रही है।





