Hindi Newsधर्म न्यूज़premanand maharaj pravachan bhagwan se mannat kaise mangte hain
भगवान से मन्नत कैसे मांगते हैं? प्रेमानंद महाराज से जान लें सही तरीका

भगवान से मन्नत कैसे मांगते हैं? प्रेमानंद महाराज से जान लें सही तरीका

संक्षेप:

Premanand Maharaj Pravachan: वृंदावन के सुप्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने बताया है कि आखिर भगवान से मन्नत मांगने का सही तरीका क्या है? क्या उनसे मन्नत मांगनी भी चाहिए या नहीं? जानिए अपने प्रवचन में उन्होंने क्या कहा है?

Nov 06, 2025 11:21 am ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

एक सवाल है जिसका जवाब शायद बहुत लोग ढूढ़ते हैं। ये सवाल है कि भगवान से मन्नत मांगना कितना सही होता है? हिंदू धर्म में रोजाना पूजा-पाठ करना शुभ माना जाता है। ना सिर्फ इससे घर का माहौल पॉजिटिव होता है बल्कि मन भी शांत रहता है। कई लोग बिना किसी मंशा के भगवान को पूजते हैं। वहीं कुछ लोग मन्नत भी मांगते हैं लेकिन क्या ऐसा करना सही है? क्या भगवान सारी मन्नतों को पूरा करते हैं? वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज ने इस पर अपनी राय बताई है। दरअसल एक शख्स ने पूछा कि क्या भगवान से ऐसा कहना सही है कि आप मेरी ये मन्नत पूरी कर दो तो मैं आपके लिए ये करूंगा।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

भगवान से कहें ये बात

इस सवाल के जवाब में प्रेमानंद महाराज ने कहा कि हमें ऐसा लगता है कि भगवान से ऐसा नहीं बोलना चाहिए। भगवान बहुत बड़े दाता है। बहुत बड़े मालिक हैं और हम उनके बच्चे हैं। तो अपने पिता से कैसे मांगा जाता है? क्या एक पिता से ऐसे मांगा जाता है कि हम तुमको दस लड्डू पवा देंगे हमें दस रुपया दे दो। पिता से तो ऐसे मांगा जाता है कि 100 रुपये की जरूरत है मुझे दो। नहीं मांगा जाता है? वो नहीं देंगे? नहीं देना पड़ेगा। हम किससे पास जाए? कहां जाएं? आप हमारे पिता हो। ऐसे भगवान से मांगना चाहिए कि प्रभु ये समस्या है इसका समाधान कीजिए। जो उचित हो आप दें।

ये भी पढ़ें:किसी के पैर छूने से घट जाता है हमारा पुण्य? प्रेमानंद महाराज ने कही ये बात

हक से मांगिए जवाब

प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि ये जो आप लोग अज्ञानवश कहते हैं कि तुमको 500 रुपये के लड्डू का भोग लगा देंगे तो काम करो। तो हमें लगता है कि ये सही नहीं है। अरे उनसे सीधे मांगो कि हमारी ये समस्या है और अब आप इसका समाधान करो। आपके अलावा दूसरो कोई स्वामी नहीं है हमारा। आप जगत के मालिक हैं। इसके बाद भोग लगाना है तो लगा दे। बिना कहे भोग लगाओ। ठाकुर जी है अपने। प्रभु हैं लेकिन मांगो तो पिता की तरह ही मांगो उनसे। जैसे पुत्र पिता से मांगता है ना अधिकारपूर्वक कि आपको ये काम पूरा करना है प्रभु क्योंकि आप स्वामी हो...जगत के स्वामी हो। हम आपके बच्चे हैं। समस्या में फंसे हैं।

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

और पढ़ें
जानें धर्म न्यूज़ , Aaj ka Rashifal,Panchang , Numerology से जुडी खबरें हिंदी में हिंदुस्तान पर| हिंदू कैलेंडर से जानें शुभ तिथियां और बनाएं हर दिन को खास!