किस व्रत को रखने से सारी मनोकामनाएं पूरी होती है? चौंका देगा प्रेमानंद महाराज का ये जवाब

Garima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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प्रेमानंद महाराज के एकांतिक वार्तालाप में एक महिला भक्त ने पूछा कि किस व्रत को रखने से सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं? आइए जानते हैं कि इस पर प्रेमानंद महाराज ने क्या जवाब दिया है?

किस व्रत को रखने से सारी मनोकामनाएं पूरी होती है? चौंका देगा प्रेमानंद महाराज का ये जवाब

Premanand Maharaj Latest Pravachan: वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज रोज होने वाले एकांतिक वार्तालाप में अपने भक्तों से मिलते हैं। इस दौरान वो लोगों के सवालों का जवाब देते हैं। जवाब इतने क्लियर होते हैं कि मीलों दूर बैठा व्यक्ति भी उनसे तुरंत कनेक्ट हो जाता है। प्रेमानंद महाराज के एक-एक जवाब से लोगों को अपनी उलझनों का समाधान मिल जाता है। लोग आए दिन उनसे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के साथ-साथ भक्ति और आध्यात्म से जुड़े सवाल उनसे पूछते रहते हैं।

हाल ही में हुए एकांतिक वार्तालाप में एक भक्त ने व्रत से जुड़ा सवाल पूछा और प्रेमानंद महाराज ने ऐसा जवाब दिया है कि ये हर उस व्यक्ति के लिए उपयोगी साबित हो सकता है जो व्रत रखता है।

एकांतिक वार्तालाप का सवाल

ऐसा कौन सा व्रत रखा जाए कि सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाएं?

प्रेमानंद महाराज का जवाब

इस सवाल के जवाब में प्रेमानंद महाराज ने कहा कि राधा राधा राधा राधा नाप जाप करो। नाम जप करने से सब मनोकामनाएं पूरी हो जाएंगी। समस्त कामनाओं को पूर्ण करने के लिए जो नाम आपको प्रिय लगे राम कृष्ण, हरि, शिव, राधा, दुर्गा जो नाम प्रिय लगे खूब डटकर नाम जप करो। सब कामनाएं पूर्ण हो जाएंगी। जो कामनाएं तुम्हें बाधा देने वाली होंगी वो अपने आप ही नष्ट हो जाएंगी। जो कामनाएं तुम्हारा मंगल करने वाली हैं वो अपने आप धीरे-धीरे पूरी हो जाएंगी। खूब नाम जप करो। नाम जप से बढ़ करके इस दुनिया में कुछ भी नहीं है। मेरी समझ में कोई ऐसा व्रत नहीं है।

नाम जप से बड़ा कोई व्रत नहीं

प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि नाम के बराबर कोई व्रत, यज्ञ या तपस्या इसके आगे कोई नहीं है। नाम नाम है। वो अपने आप में ही गरज रहा है। नाम में एकदम अपना चित लगा दो। जो चाहो वो प्राप्त कर लो। नाम चकाचक धन है। जितना नाम रुपी धन इकट्ठा कर लो फिर लोक-परलोक में जो चाहो वो खरीद लो। जो चाहो वो प्राप्त कर लो। मेरी समझ में तो नाम जप से बड़ा कुछ नहीं है। नाम जप का प्रण ले लें कि मैं कभी प्रभु का नाम नहीं भूलूंगी। बस अब जीत गई।

नाम जप से अधीन होते हैं भगवान

उन्होंने इसी क्रम में आगे कहा कि भगवान को अधीन किया जा सकता है नाम जप करके तो और कौन सी बात रह गई। तो मेरी बात तो ये है सबसे बड़ा व्रत ये है कि सच्चे मन से राधा राधा राधा नाम जप करो। अपने गुरु का नाप रटो। अपने प्रभु का नाम रटो। यही सबसे बड़ी बात है और यही सबसे बड़ा व्रत है।

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
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