Pradosh Vrat: हर शुभ काम में आ रही है बाधा, तो प्रदोष काल में जरूर करें ये काम, भगवान शिव का मिलेगा आशीर्वाद

Apr 14, 2026 11:30 am ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से कई गुना अधिक फल मिलता है। इस शुभ मुहूर्त में पूजा करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और हर तरह की बाधा दूर होती है।

Pradosh Vrat: हर शुभ काम में आ रही है बाधा, तो प्रदोष काल में जरूर करें ये काम, भगवान शिव का मिलेगा आशीर्वाद

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की पूजा का सबसे शुभ और प्रभावशाली समय माना जाता है। यह वह पवित्र काल है जब दिन और रात मिलते हैं। शास्त्रों के अनुसार, इस समय भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न मुद्रा में कैलाश पर्वत पर नृत्य करते हैं। इसलिए प्रदोष काल में की गई पूजा-अर्चना का फल कई गुना अधिक मिलता है।

वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 अप्रैल 2026 को रात 12:12 बजे शुरू होगी और 16 अप्रैल को रात 10:31 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार, प्रदोष व्रत 15 अप्रैल 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। प्रदोष काल का समय शाम 6:01 बजे से 7:31 बजे तक रहेगा। इस 90 मिनट के विशेष मुहूर्त में शिव पूजा करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

प्रदोष काल क्यों है इतना खास?

प्रदोष काल में भगवान शिव की ऊर्जा चरम पर होती है। इस समय उनकी पूजा करने से ग्रह-दोष, स्वास्थ्य समस्याएं, आर्थिक रुकावटें और शुभ कार्यों में आने वाली बाधाएं भगवान शिव के आशीर्वाद से दूर हो जाती हैं। शास्त्र कहते हैं कि प्रदोष में की गई एक छोटी सी पूजा भी वर्षों की तपस्या के बराबर फल दे सकती है। यह काल नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने और सकारात्मकता, सुख-समृद्धि तथा सफलता लाने के लिए अत्यंत शक्तिशाली है।

प्रदोष व्रत और पूजा की विधि

प्रदोष व्रत रखने वाले भक्त को पूरे दिन फलाहार करना चाहिए। शाम को प्रदोष काल शुरू होते ही स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर में या शिव मंदिर में शिवलिंग की पूजा करें। बेलपत्र पर सफेद चंदन से 'ॐ' लिखकर चढ़ाएं। शिवलिंग पर एक लोटा जल या कच्चा दूध से धीरे-धीरे अभिषेक करें। इस दौरान ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करते रहें। भगवान शिव को गुड़ या खीर का भोग लगाएं।

महामृत्युंजय मंत्र जाप का महत्व

प्रदोष काल में रुद्राक्ष की माला से महामृत्युंजय मंत्र का कम से कम 108 बार जाप जरूर करें। यह मंत्र गंभीर बाधाओं, स्वास्थ्य समस्याओं, भय और अकाल मृत्यु से रक्षा करता है। जाप के दौरान मन को एकाग्र रखें और भगवान शिव से अपनी समस्या बताएं।

प्रदोष व्रत के लाभ

धर्म विशेषज्ञों के मुताबिक, जो भक्त नियमित रूप से प्रदोष व्रत रखते हैं और प्रदोष काल में शिव की उपासना करते हैं, उनके जीवन से सभी प्रकार के कष्ट, ग्रह दोष और बाधाएं दूर हो जाती हैं। शुभ कार्यों में रुकावटें खत्म होती हैं, नौकरी-व्यापार में सफलता मिलती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। यह व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिनके शुभ काम बार-बार अटक रहे हैं।

प्रदोष व्रत और पूजा से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। अगर आपके किसी काम में लगातार बाधाएं आ रही हैं, तो इस प्रदोष काल में शिव की पूजा जरूर करें। सच्ची श्रद्धा और समर्पण से भोलेनाथ अवश्य प्रसन्न होंगे और आपके सभी संकट दूर कर देंगे।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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