Hindi Newsधर्म न्यूज़pooja rules puja ke niyam shankh kab bajana chahiye
घर के मंदिर में किस समय बजाना चाहिए शंख? गलती से भी ना करें ये काम

घर के मंदिर में किस समय बजाना चाहिए शंख? गलती से भी ना करें ये काम

संक्षेप:

Simple Pooja Rules: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान शंख बजाने को काफी शुभ माना जाता है। इससे जुड़े कई ऐसे नियम हैं जो लोगों को नहीं पता होते हैं। तो चलिए जानते हैं कि आखिर शंख बजाने का सबसे सही समय क्या होता है? 

Nov 14, 2025 05:43 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

हिंदू धर्म में रोज पूजा-पाठ करना बेहद ही शुभ माना जाता है। घर के मंदिर को लेकर कई तरह के नियम हैं, जो सदियों से चले आ रहे हैं। मान्यता के हिसाब से अगर विधि-विधान से हर रोज पूजा की जाए तो घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है। वहीं माना जाता है कि पूजा के दौरान शंख बजाने को बेहद ही शुभ मानते हैं। कहा जाता है कि जिन घरों में पूजा-पाठ के दौरान शंख का इस्तेमाल होता है, वहां पर नकारात्मक ऊर्जा नहीं होती है। जो लोग घर में हर रोज शंख बजाते हैं, उनके यहां हमेशा सकारात्मक माहौल रहता है। हालांकि शंख को बजाने का सही समय क्या है? इसे लेकर लोग काफी कन्फ्यूज होते हैं। तो चलिए जानते हैं कि आखिर इसे बजाने का शुभ समय कौन सा होता है?

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

शंख बजाने का शुभ समय

कई लोगों को लगता है कि पूजा के बाद हमेशा शंख बजाना सही होता है। लोग घरों में सुबह और शाम दोनों समय पूजा करते हैं लेकिन दोनों समय शंख बजाना सही नहीं है। हिंदू धर्म मान्यताओं के अनुसार शंख बजाने के शुभ समय सूर्योदय से पहले का है। इस समय की ऊर्जा काफी पवित्र होती है और मन शांत रहता है। ऐसे में शंख बजाने के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय सबसे सही होता है। ब्रह्म मुहूर्त का समय सुर्योदय से डेढ़ घंटे पहले यानी की सुबह 4 बजे से लेकर 5:30 बजे तक होता है। शंख बजाने के लिए यही समय सबसे शुद्ध और पवित्र होता है।

ये भी पढ़ें:महिलाएं भगवान हनुमान की पूजा कर सकती हैं? जानें क्या बोलें प्रेमानंद महाराज

शुभ काम में शंख का महत्व

हिंदू धर्म के अनुसार हर शुभ काम से पहले शंख बजाना सही होता है। घर में होने वाली पूजा और हवन के दौरान पंडित जी इसी वजह से शंख बजाते हैं ताकि आसपास की ऊर्जा पवित्र हो जाए। किसी भी मांगलिक काम में शंख को रखना शुभ होता है। इसका एक मतलब ये भी होता है कि हम अपनी पूजा में शामिल होने के लिए कहा जाता है। ऐसे में हर पूजा या कथा के दौरान शंख जरूर बजाना चाहिए। वहीं शाम के वक्त शंख बजाने से बचना चाहिए। मान्यता के हिसाब से ऐसा करना सही नहीं होता है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh
गरिमा सिंह हिंदुस्तान लाइव में ज्योतिष सेक्शन में काम करती हैं। उन्हें पत्रकारिता में 10 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह एंटरटेनमेंट बीट पर भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से टेलीविजन और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
जानें धर्म न्यूज़ ,Choti Diwali Wishes , Rashifal, Panchang , Numerology से जुडी खबरें हिंदी में हिंदुस्तान पर| हिंदू कैलेंडर से जानें शुभ तिथियां और बनाएं हर दिन को खास!