Phulera Dooj 2026: आज फुलेरा दूज पर गलती से भी ना करें ये काम, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त
फाल्गुन के महीने में कई तीज-त्योहार पड़ते हैं। आज फुलेरा दूज है। इस खास मौके पर पूजा के दौरान भगवान कृष्ण और राधा पर फूलों की वर्षा की जाती है। जानें आज की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या है? साथ ही जानें कि आज के दिन किन चीजों को अवॉइड करना है?

Phulera Dooj 2026: आज फुलेरा दूज है। हिंदू धर्म में इस दिन का खास महत्व होता है। मान्यता के अनुसार आज के ही दिन भगवान कृष्ण और राधा ने पहली बार होली खेली थी। हर साल फाल्गुन के महीने में पड़ने वाले शुक्ल पक्ष की द्धितीया तिथि पर ही फुलेरा दूज मनाया जाचा है। संपूर्ण ब्रज क्षेत्र में इस त्योहार को बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है और इसी दिन से वहां पर होली का उत्सव शुरू हो जाता है। इस खास दिन पर लोग श्रीकृष्ण और राधा पर फूलों की वर्षा करते हैं। भक्तों की बीच ऐसी मान्यता है कि इस दिन की पूजा से शादीशुदा जिंदगी में और भी स्मूदली चलती है। साथ ही घर में भी सुख-शांति बनी रहती है। नीचे विस्तार से जानें कि आज फूलेरा दूज की पूजा के लिए शुभ समय क्या है? साथ ही जानेंगे कि आखिर आज किन चीजों को करने से बचना है?
फुलेरा दूज के लिए शुभ मुहूर्त
फुलेरा दूज की पूजा के लिए एक शुभ मुहूर्त आज सुबह था। अब दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक है। बता दें कि पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त को भी खास महत्व दिया जाता है। फुलेरा दूज की पूजा के लिए अभिजीत मुहूर्त की शुरुआत आज दोपहर 12 बजकर 12 मिनट से लेकर 12 बजकर 58 मिनट तक होगी।
बन रहे ये शुभ योग
बता दें हिंदू पंचांग के हिसाब से इस साल फुलेरा दूज पर कई अच्छे योग भी बन रहे हैं। इस बार ये सिद्ध योग और पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में आया है। अगर फुलेरा पर ऐसे योग बनते हैं तो माना जाता है कि इस दिन पूजा करने से सारे काम सफल हो जाते हैं। शादी से लेकर किसी भी मांगलिक काम के लिए इस दिन को बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन लोग कई तरह के उपाय भी करते हैं ताकि जिंदगी में किसी भी तरह की कोई भी बाधा ना आए।
फुलेरा दूज पर ना करें ये काम
फुलेरा दूज के दिन कोशिश करनी चाहिए कि मन शांत और पॉजिटिव रहें। इस दिन काले या हरे और नीले रंग के कपड़े पहनने से बचें। हल्के रंग के कपड़े पहनना आज के दिन शुभ माना जाता है। जो लोग आज का व्रत रखने वाले हैं, वो किसी भी शख्स के प्रति मन में गलत विचार ना लाएं और ना ही किसी को गलत शब्द कहें। आज जितना शांत रहेंगे, उतना ही अच्छा होगा। ऐसी स्थिति ना बनने दें कि घर में किसी भी तरह का कलेश हो। साथ ही किसी का भी अपमान आज के दिन गलती से भी नहीं करना चाहिए। आप जितने पॉजिटिव रहेंगे, चीजें उतनी ही फलदायी होंगी।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
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गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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