Phulera Dooj 2026: कब है फुलेरा दूज? नोट कर लें डेट, शुभ मुहूर्त और महत्व

Feb 17, 2026 10:48 am ISTYogesh Joshi लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Phulera Dooj 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाता है। यह दिन श्रीकृष्ण और राधा के प्रेम से जुड़ा माना जाता है। ब्रज क्षेत्र में इस दिन होली की शुरुआत होती है और रंगों के साथ फुलेरा दूज का उत्सव मनाया जाता है।

Phulera Dooj 2026: कब है फुलेरा दूज? नोट कर लें डेट, शुभ मुहूर्त और महत्व

हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज का पर्व मनाया जाता है। यह दिन श्रीकृष्ण और राधा के प्रेम से जुड़ा माना जाता है। ब्रज क्षेत्र में इस दिन होली की शुरुआत होती है और रंगों के साथ फुलेरा दूज का उत्सव मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में फुलेरा दूज का खास महत्व है, खासकर विवाह और दूसरे शुभ कामों के लिए। माना जाता है कि जो प्रेमी जोड़े इस दिन श्रद्धा और सच्चे मन से राधा-कृष्ण की पूजा करते हैं, उनके रिश्ते में मजबूती और स्थिरता बनी रहती है। फुलेरा दूज को कई जगह फुलैरा दूज भी कहा जाता है।

फुलेरा दूज 2026 डेट- 19 फरवरी, 2026

द्वितीया तिथि प्रारम्भ - फरवरी 18, 2026 को 16:57 बजे

द्वितीया तिथि समाप्त - फरवरी 19, 2026 को 15:58 बजे

फुलेरा दूज का महत्व क्या है?- मुहूर्त शास्त्र के मुताबिक साल में आने वाले पांच स्वयं सिद्ध मुहूर्तों में फुलेरा दूज भी शामिल है। इसका मतलब यह है कि इस दिन बिना पंचांग देखे भी शादी और दूसरे मांगलिक काम किए जा सकते हैं। आम बोलचाल में इसे अनसूझ साया भी कहा जाता है।ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि अगर किसी कारण से विवाह का शुभ मुहूर्त नहीं निकल पा रहा हो, तो फुलेरा दूज के दिन शादी की जा सकती है। इस दिन किए गए शुभ काम अच्छे परिणाम देने वाले माने जाते हैं। मान्यता है कि फुलेरा दूज का दिन ग्रह-दोष जैसे प्रभावों से काफी हद तक मुक्त रहता है, इसलिए खासकर विवाह संस्कार के लिए इसे बहुत शुभ माना जाता है।

फुलेरा दूज पूजा विधि- फुलेरा दूज के दिन सुबह स्नान करके घर या पूजा स्थल को साफ करें और राधा-कृष्ण की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद रोली, कुमकुम, अक्षत, चंदन, धूप-दीप से विधिवत पूजन करें और मौसमी व सुगंधित फूल अर्पित करें। राधा-कृष्ण को अबीर-गुलाल लगाकर फूलों से होली खेलें और उन्हें फूलों से सजा दें। भोग में मौसमी फल, सफेद मिठाई, पंचामृत और मिश्री अर्पित करें। मन शांत रखकर राधा-कृष्ण मंत्रों का जप करें। शाम के समय दोबारा स्नान करके रंगीन कपड़े पहनें, राधा-रानी का श्रृंगार करें और आरती उतारें। इस दिन श्रृंगार की चीजें दान करना शुभ माना जाता है। पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण करें और दिन भर सात्विक भोजन रखें।

फुलेरा दूज पर क्या-क्या शुभ माना जाता है?

विवाह और सगाई जैसे मांगलिक काम

नए काम की शुरुआत

गृह प्रवेश

धार्मिक अनुष्ठान और पूजा

फुलेरा दूज का धार्मिक महत्व- ब्रज क्षेत्र में इस दिन राधा-कृष्ण की विशेष पूजा होती है और होली की रौनक भी दिखाई देने लगती है। माना जाता है कि इस दिन प्रेम और रिश्तों से जुड़ी परेशानियों में कमी आती है। वैवाहिक जीवन में मिठास लाने के लिए भी इस दिन पूजा करना शुभ माना जाता है।

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लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण


योगेश जोशी डिजिटल पत्रकारिता में 8 वर्षों से सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। ज्योतिष और धार्मिक विषयों पर उनका लेखन पाठक-केंद्रित और व्यावहारिक दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है। राशिफल, ग्रह-गोचर, दशा-महादशा, अंकज्योतिष, सामुद्रिक शास्त्र, वास्तु, फेंगशुई और पूजा-विधि जैसे विषय उनके काम का प्रमुख हिस्सा हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव


योगेश जोशी ने डिजिटल मीडिया में काम करते हुए खबर और कंटेंट के बदलते स्वरूप को नजदीक से समझा है। पत्रकारिता में 8 वर्षों के अनुभव के साथ वह फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर की भूमिका निभा रहे हैं।


न्यूज़ और फीचर कंटेंट से शुरू हुआ उनका सफर आज ज्योतिष और धार्मिक विषयों तक पहुंच चुका है, जहां वह पारंपरिक ज्ञान को मौजूदा समय और डिजिटल पाठक की जरूरतों के हिसाब से प्रस्तुत करते हैं। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि कंटेंट जानकारी दे, उलझाए नहीं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि


योगेश जोशी ने मास कम्युनिकेशन में स्नातक की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की इस पढ़ाई ने उन्हें तथ्यों के साथ जिम्मेदारी और संतुलन बनाए रखने की समझ दी, जो उनके लेखन में साफ झलकती है।


करियर की शुरुआत और प्रोफेशनल सफर


योगेश ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत अमर उजाला के डिजिटल प्लेटफॉर्म से की। यहां उन्होंने डिजिटल न्यूज़, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग पर काम करते हुए मजबूत आधार तैयार किया। इसके बाद डिजिटल मीडिया में लगातार काम करते हुए उन्होंने एस्ट्रोलॉजी और धार्मिक विषयों से जुड़े कंटेंट में विशेषज्ञता विकसित की।
पाठक किस भाषा में बात समझता है और किस तरह की जानकारी उसके लिए उपयोगी होती है—यह समझ उनके प्रोफेशनल सफर की सबसे बड़ी ताकत रही है।

एस्ट्रोलॉजी लेखन और उद्देश्य


योगेश के लिए ज्योतिष केवल भविष्य बताने का जरिया नहीं है। वह इसे आत्मचिंतन और सही फैसलों में मदद करने वाले एक मार्गदर्शक के रूप में देखते हैं। इसी सोच के साथ वह राशिफल और अन्य ज्योतिषीय विषयों को संतुलित, व्यावहारिक और भरोसेमंद तरीके से प्रस्तुत करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को डराना नहीं, बल्कि जानकारी के जरिए उन्हें सोचने और समझने की दिशा देना है।


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काम के अलावा योगेश को सामाजिक विषयों पर पढ़ना, लिखना और भारतीय परंपराओं को समझना पसंद है। उनका मानना है कि एक पत्रकार के लिए सीखना और खुद को अपडेट रखना सबसे जरूरी है।


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