
Surya grahan 2026 kab lagega: फाल्गुन मास की अमावस्या को लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, सूतक मान्य होगा या नहीं
Surya grahan kab lagega: इस साल 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण लग रहा है। ये ग्रहण बहुत खास रहेगा, इसे रिंग फायर के कारण खास माना जा रहा है। पूर्ण सूर्य ग्रहण में सूर्य पूरी तरह से दिखा धूंधला दिखता है।
Surya grahan kab lagega: इस साल 17 फरवरी को फाल्गुन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण लग रहा है। ये ग्रहण बहुत खास रहेगा, इसे रिंग फायर के कारण खास माना जा रहा है। पूर्ण सूर्य ग्रहण में सूर्य पूरी तरह से दिखा धूंधला दिखता है। वलयाकार सूर्य ग्रहण में चांद सूर्य से थोड़ा छोटा दिखाई देगा, इसलिए सूर्य एक रिंग ऑफ फायर की तरह दिखाई देता है। रिंग ऑफ फायर इसका वैज्ञानिक नाम नहीं है, यह इसका साइंटिफिक नाम है। इसमें मैक्सम कवरेज के बाद सूर्य का आखिरी छोर दिखता है। यह सूर्य ग्रहण ग्रीनलैंड, आइसलैंज, स्पेन आदि में दिखाई देगा। यह ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। इस ग्रहण का सूतक भारत में नहीं लगेगा।
इस साल कितने सूर्य ग्रहण लग रहे हैं?
इस साल दो सूर्य ग्रहण भारत में लग रहे हैं और दोनों सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिख रहे हैं। पहला ग्रहण साल 2026 में फाल्गुन अमावस्या यानी होली से 15 दिन पहले लग रहा है। इसके बाद अगला सूर्य ग्रहण 12 अगस्त को लग रहा है। दोनों ही सूर्य ग्रहण भारत में दिखाऊ नहीं देंगे। दूसरा सूर्य ग्रहण वलयाकार नहीं पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा।
किस राशि में लग रहा है सूर्य ग्रहण
आपको बता दें कि ज्योतिष के अनुसार यह सूर्य ग्रहण कुंभ राशि में लग रहा है। जब ग्रहण लगेगा, तब सूर्य कुंभ राशि में लगेगा। ग्रह नक्षत्रों की बात करें तो यह ग्रहण धनिष्ठा नक्षत्र में गिरेगा। यह रात को 3.26 मिनट पर शुरू होगा और 7 बजकर 57 मिनट पर खत्म होगा। यह भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इस ग्रहण को फाइनेंशियल स्टेबिलिटी, पर्सनल हैप्नीनेस कई राशियों को मिलेगी। इस ग्रहण से मेष राशि वालों को करियर से जुड़ा लाभ मिल सकता है।
इस सूर्य ग्रहण का सूतक लगेगा या नहीं
सूर्य ग्रहण का आपके पास प्रभाव नहीं होगा। इसका कोई सूतक नहीं लगेगा। जब यह सूर्य ग्रहण लगेगा, तो भारत में उस समय रात होगी, इसलिए इस ग्रहण का सूतक भारत में मान्य नहीं होगा। वैसे सूर्य ग्रहण का सूतक 12 घंटे पहले लग जाता है। इस दौरान धार्मिक पूजा आदि नहीं की जाती हैं, लेकिन भारत में इस सूर्य ग्रहण का धार्मिक महत्व नहीं होगा। इसका ज्योतिषिय महत्व होगा। इस ग्रहण का असर राशियों पर होगा। इस ग्रहण के दौरान पूजा पाछ पर रोक नहीं लेगी। भारत में होली के दिन यानी फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा और इस ग्रहण का सूतक काल भी मान्य होगा। इस ग्रहण का सूतक 9 घंटे पहले लग जाएगा।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।
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