Paush Purnima 2026: जानें पौष पूर्णिमा व्रत की सही तारीख, इन आसान से उपायों से मिलेगा खूब लाभ
Paush Purnima Vrat 2026: हिंदू धर्म में पौष का महीना बेहद ही पवित्र माना जाता है। इस दिन किए गए व्रत और दान से पुण्य मिलता है। साथ ही इस दिन किया गया गंगा स्नान काफी फलदायी माना जाता है। जानें आखिर इस सही तारीख क्या है?

Paush Purnima Vrat 2026: हिंदू धर्म में सभी महीने किसी ना किसी वजह से जरूर खास होते हैं। हर एक महीने की अपनी विशेषता है। बात की जाए पौष महीने की तो इस दौरान किया गया दान कई लाख पुण्य के बराबर माना जाता है। मान्यता है कि इस महीने की पूर्णिमा तिथि सबसे पवित्र होती है। इस दौरान किए गए व्रत और पूजा से हर मनोकामना पूरी हो जाती है। साथ ही ये भी कहा जाता है कि इस दिन गंगा जैसी पवित्र नदी में स्नान करने से सारे पाप मिट जाते हैं और स्नान करने वाले शख्स को पुण्य मिलता है। कई लोग इसी दिन से कल्पवास की शुरुआत करते हैं और भगवान विष्णु के साथ-साथ सूर्यदेव की भी पूजा करते हैं। हालांकि हर बार की ही तरह इस बार भी लोगों को पौष पूर्णिमा की तारीख को लेकर कन्फ्यूज है।
पौष पूर्णिमा व्रत से होने वाले लाभ
कुछ लोगों का कहना है कि पौष पूर्णिमा की तिथि 2 जनवरी को पड़ रही है। तो कुछ का कहना है कि ये तिथि 3 जनवरी को पड़ने वाली है। बता दें कि इस बार पौष पूर्णिता तिथि पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं और इस वजह से इस बार का व्रत और भी खास हो जाता है। जो लोग इस व्रत को सच्चे मन से रखते हैं और विधि विधान के साथ इसका पारण करते हैं, उन्हें सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही धन-धान्य की कोई भी कमी नहीं रहती है। व्रत रखने वाले शख्स की जिंदगी में सकारात्मक मोड़ आते हैं और सारे रुके हुए काम धीरे-धीरे पूरे होने लगते हैं।
कब मनाई जाएगी पौष पूर्णिमा?
हिंदू पंचांग के अनुसार पौष पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 2 जनवरी को शाम 6:53 बजे से होगी। इसका समापन अगले दिन 3 जनवरी को होगा। इसके समापन की टाइमिंग दोपहर 3:32 बजे हैं। ऐसे में पौष पूर्णिमा 3 जनवरी को है।
पौष पूर्णिमा पर करें ये काम
पौष पूर्णिमा के दिन स्नान और दान जरूर करना चाहिए। अगर किसी नदी के आसपास स्नान ना कर पाएं तो नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर भी स्नान करने से उतना ही पुण्य मिलेगा। पौष पूर्णिमा वाले दिन सूर्योदय से पहले स्नान कर लेना चाहिए। बता दें कि इस दिन सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है। सफेद रंग को पवित्रता, शांति और आध्यात्मिकता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा में सफेद रंग के कपड़े जरूर पहनना चाहिए।
करें इन चीजों का दान
इस दिन चावल के साथ-साथ तिल, गुड़ और कंबल का दान करना चाहिए। इस दिन सफेद रंग की मिठाई का दान करना भी सही माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से पितृ दोष खत्म होता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से जिंदगी से दरिद्रता जैसी चीजें भी दूर होती हैं। इस दिन कौए और गाय वगैरह को खाना खिलाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से पितरों को शांति मिलती है। साथ ही शाम के दौरान घर के बाहर एक दीया जरूर जलाना चाहिए। कोशिश करें कि इस दिन झूठ ना बोलें। किसी को भी कड़वी बातें कहने से बचना चाहिए। पौष पूर्णिमा के दिन नमक का कम खाना चाहिए।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
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गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता
वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल
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