Paush Amavasya date: पौष अमावस्या पर कैसे करें पितरों का तर्पण, तर्पण के बाद करें ये उपाय

Dec 17, 2025 11:14 am ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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Paush Amavasya kab hai:  इस साल पौष मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या 19 दिसंबर को है। इस दिन पितरों के पूजन का विधान है। इस महीने में पितरों के लिए तर्पण करना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पितृपक्ष की तरह इस महीने में भी पितृ तर्पण स्वीकार करते हैं। इसे मिनी पितृपक्ष भी कहते हैं।

Paush Amavasya date: पौष अमावस्या पर कैसे करें पितरों का तर्पण, तर्पण के बाद करें ये उपाय

इस साल पौष मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या 19 दिसंबर को है। इस दिन पितरों के पूजन का विधान है। इस महीने में पितरों के लिए तर्पण करना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पितृपक्ष की तरह इस महीने में भी पितृ तर्पण स्वीकार करते हैं। इसे मिनी पितृपक्ष भी कहते हैं। अमावस्या के स्वामी पितर देव माने गए हैं, इसलिए इस तिथि पर पितरों के लिए धूप-ध्यान करते हैं। इस तिथि पर व्रत रखने की भी परंपरा है। भक्त दिनभर निराहार रहते हैं। शिव जी के साथ ही चंद्र देव की प्रतिमा की भी पूजा की जाती है।ऐसा कहा जाता है कि इस समय हम अग पितरों के लिए धूपदीपदान करते हैं, तो पितर प्रसन्न होकर समृद्धि का आशीर्वाद हमे देते हैं। प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, इसके लिए पवित्र नदियों में स्नान कर सकते हैं, शाम के समय पितरों को दीपदान करना भी उत्तम रहता है, इससे आपको लाभ होता है। पौष अमावस्या पर पितरों के नाम पर तिल-गुड़, धन, कपड़े, जूते-चप्पल और खाना भी दान करना चाहिए।

कैसे करें पितरों का तर्पण

पितरों के धूप-ध्यान के लिए सबसे अच्छा समय दोपहर का रहता है। दोपहर में गाय के गोबर से बने कंडे (उपले) जलाएं, पितरों के लिए भोजन बनाएं और कंडों के अंगारों पर पितरों का ध्यान करते हुए गुड़-घी डालें, और खीर पूरी अर्पित कर जल की छीटें मारें। इसके बाद पितरों को जल देने के लिए सूर्य को तांबे के लौटे में जल लेकर हथेली में जल लेकर अंगूठे की ओर से पितरों को अर्पित करें। इस समय आपको ऊँ पितृदेवेभ्यो नम: मंत्र का जाप करना चाहिए।

Paush Amavasya date 2025, पौष अमावस्या कब है

पंचांग के अनुसार, पौष अमावस्या वर्ष 2025 में 19 दिसंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। अमावस्या तिथि की शुरुआत 19 दिसंबर सुबह 4 बजकर 59 मिनट पर होगी और इसका समापन 20 दिसंबर सुबह 7 बजकर 12 मिनट पर होगा। उदया तिथि के नियम के अनुसार, अमावस्या से जुड़े सभी धार्मिक, पितृ तर्पण, स्नान और दान जैसे शुभ कार्य 19 दिसंबर को ही किए जाएंगे।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

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अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


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अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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