Paush Amavasya 2025 Vidhi: पौष अमावस्या कल, इस दिन पीपल की परिक्रमा क्यों होती है?
Amavasya Kab hai 2024: पौष मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को अमावस्या तिथि है, इस दिन शुभ संयोग बन रहे हैं। जानें दिसंबर में अमावस्या तिथि के बारे में

Paush Amavasya 2025 kab hai:पौष अमावस्या 2025 कब है- हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 18 दिसंबर को सुबह 04 बजकर 01 मिनट पर प्रारंभ होगी और 19 दिसंबर को सुबह 4 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 20 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 12 मिनट पर होगा। इसलिए पौष अमावस 19 दिसंबर को मनाई जाएगी।
पौष अमावस्या स्नान-दान मुहूर्त 2025 और क्या दान करें: पौष अमावस्या पर गंगा स्नान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है और पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। उन्होंने कहा कि इस दिन गरीब और निराश्रित लोगों को अन्न, वस्त्र और आवश्यक सामग्री का दान करना शुभ फलदायी माना जाता है। अमावस्या के अवसर पर विशेष रूप से तिल, कंबल और खाद्य सामग्री का दान श्रेष्ठ माना गया है। सोमवती अमावस्या के दिन स्नान-दान का शुभ मुहूर्त सुबह 05 बजकर 23 मिनट से सुबह 06 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। इसके बाद स्नान-दान का मुहूर्त सुबह 06 बजकर 30 मिनट से सुबह 07 बजकर 13 मिनट तक रहेगा।
अमावस्या तिथि का महत्व
हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि पितरों के तर्पण के लिए की जाती है। अमावस्या के दिन श्राद्ध व तर्पण और खासकर पौष मास में पितरों का तर्पण बहुत ही खास माना गया है। अमावस्या को अमावस या अमावस भी कहा जाता है। पौष मास को मिनि पितपक्ष कहा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन पितरों का तर्पण करने से पितर आशीर्वाद देकर जाते हैं। इसके लिए गोबर के उपले को जलाकर इसमें पितरों के नाम का पूरी और खीर, बताशे, लौंग चढ़ानी चाहिे। इसके बाद काले तिल मिलाकर सूर्य को जल देना चाहिए।
पौष अमावस्या पर पीपल की परिक्रमा
पौषमास की अमावस्या पर पीपल की परिक्रमा करनी चाहिए। दरअसल पीपल के पेड़ में ब्र्ह्मा, विष्णु औ महेश तीनों देवों का वास होता है। इसलिए इस दिन पीपल की परिक्रमा करनी चाहिए। इसके बाद शाम को शाम को पीपल के वृक्ष के नीचे चौमुखी घी का दीपक जलाना चाहिए और पितरों का नाम लेना चाहिए। इस दिन गेहूं के आटे की रोटी बनाकर, उस पर गुड़ का टुकड़ा रखकर गाय को खिलाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी का घर पर स्थाई वास होता है।
इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

लेखक के बारे में
Anuradha Pandeyशार्ट बायो
अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।
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