
पौष अमावस्या पर कर लें ये काम, बनेंगे सारे बिगड़े काम, धन में होगी वृद्धि
पौष अमावस्या 19 सितंबर 2025 को है। पौष अमावस्या को छोटा पितृ पक्ष भी कहा जाता है। साथ इस दिन कुछ काम करने से जीवन में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं रहती है और कुछ कर्म तो सात जन्मों तक शुभ फल देते हैं। चलिए जानते हैं कि पौष अमावस्या पर कौन से कार्य शुभ फलदायी होते हैं।
हिंदू धर्म में पौष अमावस्या का खास महत्व होता है। पौष मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली अमावस्या को पौष अमावस्या कहा जाता है। यह साल की अंतिम अमावस्या भी है। ऐसे में यह और भी महत्वपूर्ण माना जाता है। पौष अमावस्या 19 सितंबर 2025 को है। पौष अमावस्या को छोटा पितृ पक्ष भी कहा जाता है। साथ इस दिन कुछ काम करने से जीवन में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं रहती है और कुछ कर्म तो सात जन्मों तक शुभ फल देते हैं। चलिए जानते हैं कि पौष अमावस्या पर क्या करना चाहिए।
गौ दान
पौष अमावस्या के दिन स्नान दान करना बेहद शुभ फलदायी होता है। लेकिन इस दिन यदि आप गौ दान करते हैं, तो इस श्रेष्ठ कार्य होगा। इस दिन गौ दान करने से आर्थिक संकट खत्म होता है और व्यक्ति पैसों के लिए मोहताज नहीं रहता। क्योंकि गौ को हिंदू धर्म में माता का दर्जा दिया जाता है। इसमें कई देवी-देवताओं का वास भी माना जाता है।
ये भी करें दान
इसके अलावा इस दिन अन्न, वस्त्र, कंबल, तिल, गुड़ और घी का दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। जरूरतमंदों को भोजन कराना भी अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान सीधे पितरों तक पहुंचता है।
पीपल पेड़ की पूजा
पौष अमावस्या पर पीपल के पेड़ पर जल, कच्चा दूध, गुड़ और काले तिल मिलाकर चढ़ाएं। इसके बाद 7 परिक्रमा करें। मान्यता है कि इस उपाय के पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही परिवार के सारे दोष दूर होते हैं। इस दिन कन्या को खीर खिलाएं और उन्हें दक्षिणा भी दें।
मुख्य द्वार से जुड़ा काम
पौष अमावस्या के दिन स्नान आदि के बाद घर के मुख्य द्वार पर हल्दी से स्वास्तिक बनाएं। इससे सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है। साथ ही घर में नकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश पर रोक लग जाती है। इसके अलावा आप इस दिन घोड़े की नाल भी टांग सकते हैं।
धन संबंधी समस्या के लिए उपाय
पौष अमावस्या के दिन शाम को शिवलिंग पर कच्चे दूध और दही से अभिषेक करें। इससे ना सिर्फ शिव की कृपा बरसती है, बल्कि इससे आपके सारे बिगड़े हुए काम धीरे-धीरे बनने लगते हैं और धन संबंधी समस्याएं भी दूर होने लगती हैं। पौष अमावस्या की रात श्रीसूक्त का पाठ करना धनदायक होता है। इसके लिए रात्रि 12 बजे का समय श्रेष्ठ है।
पितरों का तर्पण करें
इस दिन ब्रह्म मुहूर्त के समय नदी, सरोवर में स्नान करें। स्नान के बाद साफ, हल्के रंग के वस्त्र पहने और मन में पितरों के प्रति श्रद्धा रखें। अगर घर के पास नदी, सरोवर ना हो तो घर में भी तर्पण किया जा सकता है। आटे या चावल के पिंड बनाकर कौओं और गाय को खिलाएं। इस दिन दक्षिण दिशा में एक दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है। ऐसे करने से पितृ दोष शांत होता है और जीवन से बाधाएं दूर होती हैं।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।





