चंद्रग्रहण 2026 दान: भारत में रक्षाबंधन के दिन चंद्र ग्रहण, ग्रहण के बाद क्या दान करें,चंद्रद्रोष होंगे दूर
Chandra Grahan Kab lagega: दीप दान चंद्रग्रहण और सूर्य ग्रहण के दिन किए जाते हैं, ऐसा कहा जाता है कि इससे पितृ प्रसन्न होते हैं। दीप दान करना बहुत प्रभावशाली माना जाता है।

रक्षा बंधन के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण भारत में नहीं है लेकिन इस ग्रहण का असर ज्योतिषिय दृष्टि से तो होगा। ऐसे में ग्रहण किसी राशि पर भारी होगा, तो किसी राशि के लिए शुभ भी होगा। ज्योतिष की मानें तो ग्रहण के बाद दान करना उत्तम माना जाता है। कहा जाता है कि ग्रहण के बाद दान करने से काफी हद तक इसके नेगेटिव प्रभाव कम हो जाते हैं। आइए जानते हैं कि रक्षा बंधन के दिन लगने वाले चंद्र ग्रहण के बाद क्या दान करना उत्तम रहेगा। इस दिन पितरों के लिए निमित्त दान भी किएजाते हैं, चंद्र ग्रहण और सूर्य ग्रहण के दान को लेकर कई पुराणों में भी उल्लेख किया गया है, इसलिए हमें ग्रहण के बाद दान जरूर करना चाहिए, इस महीने 15 दिन के अंतराल पर दो ग्रहण पड़े हैं।
ग्रहण पर करें इन चीजों का दान
दीप दान चंद्रग्रहण और सूर्य ग्रहण के दिन किए जाते हैं, ऐसा कहा जाता है कि इससे पितृ प्रसन्न होते हैं। दीप दान करना बहुत प्रभावशाली माना जाता है। चंद्र ग्रहण के समय पवित्र नदी में मिट्टी का दीपक जलाकर दान करना चाहिए। इस दिन पितरों के लिए भी दान किया जाता है, इसलिए इस दिन पितरों के निमित्त दीपदान कर सकते हैं। अन्न दान को महादान माना गया है, इस दिन खीर, चावल, रोटी, सब्जी गरीब लोगों को खिलानी चाहिए। आप जो भी कमाते हैं, उसका कुछ हिस्सा किसी गरीब की भलाई के लिए निकालना चाहिए, इससे भी आपका चंद्रमा मजबूत होगा, इसलिए ग्रहण के बाद किसी गरीब को अन्न दान करना चाहिए। चंद्रमा के लिए सफेद चीजों का दान करना चाहिए। इस दिन दूध, चीनी, चावल, सफेद मिठाइयां या सफेद कपड़े का दान कर सकते हैं। इससे ग्रहण के अशुभ प्रभाव काफी हद तक कम होते हैं।
चंद्र ग्रहण का सूतक काल कहां माना जाएगा
साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर के क्षेत्रों में नजर आएगा। इसलिए भारत में नहीं इन देशों में ग्रहण का सूतक काल माना जाएगा।
भारत के समय के अनुसार चंद्र ग्रहण का समय क्या है?
भारतीय समयानुसार 28 अगस्त को चंद्र ग्रहण की शुरुआत सुबह 06 बजकर 53 मिनट पर होगी और ग्रहण का पूरी तरह से समापन दोपहर 12 बजकर 32 मिनट पर होगा। कुल 5 घंटे तक ग्रहण लगेगा। ग्रहण मैक्सिमम आप सुबह 9 बजकर 43 मिनट के आसपास होगा। भारत में ग्रहण नहीं दिखेगा।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।


