आंशिक चंद्र ग्रहण 28 अगस्त को, कहां से और कब देख सकेंगे, ग्रहण के बाद और दौरान क्या किया जाता है?

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 Chandra Grahan kab lagega:  इस साल चंद्र ग्रहण लग रहा है। दुनिया में यह कहां दिखेगा और ग्रहण के बाद और इसके दौरान क्या किया जा सकेगा।

Chandra Grahan 2026 on August 28: Lunar Eclipse Date, Time, Duration and Visibility in India
आंशिक चंद्रग्रहण कब लगेगा

सावन की पूर्णिमा यानि 28 अगस्त को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण लग रहा है। जो लोग पूर्णिमा का व्रत करते हैं, वो लोग एक दिन पहले व्रत करें। पूर्णिमा का व्रत 27 अगस्त को किया जाएगा । आपको बता दें कि यह चंद्रग्रहण आंशिक चंद्रग्रहण है, इस दिन इस तरह चंद्रमा पर आंशिक रूप से पृथ्वी की छाया दिखाई देगी। भारत के लोगों को डरने की बात नहीं है, क्योंकि चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। मगर यह पश्चिमी एशिया के भाग सहित दक्षिणी अमेरिका,अफ्रीका, यूरोप में दिखाई देखा। किस देश में किस टाइम दिखेगा, उसकी लिस्ट आप नीचे देख सकेत हैं। जिस देश में दिखेगा, वहां पर चंद्र ग्रहण का सूतक काल ठीक नौ घंटे पहले लागू हो जाएगा। यह ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। इसलिए यह सूतक काल यहां लागू नहीं होगा। फल स्वरूप ग्रहण एवं सूतक की अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के शुभ या मांगलिक कार्य करने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। इसके अलावा ग्रहण के दौरान और बाद में कौन से काम करने चाहिए, इनके बारे में भी जानें

चंद्रग्रहण किस जगह दिखेगा, किस टाइम पर दिखेगा

अमेरिका, न्यूयॉर्क 00:12 (28 अगस्त )

शिकागो 23:12 (27 अगस्त)

डेनवर 22:12 (27 अगस्त)

चंद्रग्रहण के दौरान कौन सा काम करें

आपको बता दें कि चंद्रग्रहण अगर जिस देश में दिख रहा हो तो इस उस समय ग्रहण की अवधि में मंत्र-जाप, स्तुति का पाठ, आराध्य देव या देवी से जुड़े मंत्रों का जाप करना चाहिए। कहा जाता है कि इससे नेगेटिव एनर्जी का असर नहीं होता है। ग्रहण के दौरान महामृत्युंजय मंत्र, चंद्र देव के मंत्र जाप अच्छा माना जाता है।

कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान भगवान का नामजप करें, श्रीमद्भगवद् गीता, सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ करें,इससे ग्रहण का नेगेटिव प्रभाव कम होता है। ग्रहण के शरू होने से पहले खान में और पानी में और दूध में तुलसी के पत्ते डाल देना चाहिए। ग्रहण के बाद स्नान करना जरूरी है, घर को भी साफ और सुथरा कर लें। घर के कोने-कोने में गंगाजल से छिड़काव करें। मंदिर को साफ करें और भगवान को साफ कपड़े पहनाएं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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