आज शाम 07:07 बजे से लगेगी द्वादशी तिथि, जानें परमा एकादशी पूजन का उत्तम समय और कब खोलें व्रत?
Parama ekadashi 2026 vrat pujan muhurat: परमा एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। अधिक मास में आने वाले इस एकादशी व्रत का अत्यधिक महत्व है। जानें परमा एकादशी व्रत पूजन का मुहूर्त और व्रत खोलने का समय।

Parama ekadashi vrat pujan muhurat 2026: अधिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को परमा एकादशी व्रत रखा जाता है। यह व्रत हर तीन साल में एक बार आता है। इस समय अधिक मास चल रहा है। आज 11 जून 2026, गुरुवार को परमा एकादशी है। एकादशी व्रत और गुरुवार का दिन दोनों ही भगवान विष्णु को समर्पित हैं। मान्यता है कि इस शुभ संयोग में व्रत करने और भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। परमा एकादशी तिथि आज शाम 07 बजकर 06 मिनट पर समाप्त होगी और उसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ होगी। जानें परमा एकादशी पूजन के लिए उत्तम समय और व्रत का पारण कब और कैसे किया जाएगा।
परमा एकादशी पूजन का शुभ मुहूर्त:
एकादशी तिथि पर पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। पूजन का अभिजित मुहूर्त दोपहर 01 बजकर 18 मिनट से दोपहर 02 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त शाम 04 बजकर 32 मिनट से शाम 05 बजकर 36 मिनट तक रहेगा। रात के समय पूजन का शुभ मुहूर्त रात 08 बजकर 19 मिनट से रात 09 बजकर 47 मिनट तक रहेगा।
परमा एकादशी व्रत पारण का शुभ समय-
परमा एकादशी व्रत का पारण 12 जून 2026 को किया जाएगा। व्रत पारण का शुभ समय सुबह 05 बजकर 47 मिनट से सुबह 9 बजे तक रहेगा।
पारण के दिन कब समाप्त होगी द्वादशी:
पारण के दिन द्वादशी शाम 04 बजकर 06 मिनट पर समाप्त होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के भीतर करना ही उत्तम होता है। द्वादशी तिथि में एकादशी व्रत का पारण नहीं करना पाप के समान माना जाता है।
एकादशी व्रत के पारण में क्या खाना चाहिए:
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, एकादशी व्रत का पारण सात्विक चीजों का सेवन करके करना चाहिए। व्रत पारण के लिए तुलसी दल और जल सबसे उत्तम माने गए हैं।
ज्यादातर पूछे जाने वाले सवाल:
जून में परमा एकादशी के बाद कौन-सी एकादशी आएगी:
जून में परमा एकादशी के बाद निर्जला एकादशी व्रत रखा जाएगा। निर्जला एकादशी व्रत 25 जून 2026 को है। इस व्रत में अन्न और जल ग्रहण करने की मनाही होती है।
निर्जला एकादशी में पानी कब पीना चाहिए:
निर्जला एकादशी व्रत में एकादशी के दिन सुबह सूर्योदय से अगले दिन सूर्योदय तक जल ग्रहण करने की मनाही होती है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
लेखक के बारे में
Saumya Tiwariसंक्षिप्त विवरण
सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।
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परिचय और अनुभव
सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।
इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।
इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।
व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।
विशेषज्ञता
ग्रह और नक्षत्रों का राशि पर असर
फेंगशुई
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न विज्ञान


