शाम में परमा एकादशी पर इन 4 जगहों पर जलाएं दीपक, बढ़ेगी सुख-समृद्धि

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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Parama Ekadashi Upay 2026, Parama Ekadashi Ke Upay: इस साल 11 जून को शनि जयंती का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन कुछ जगहों पर शाम के समय में दीपक जलाने से पितृ दोष का प्रभाव कम होता है और सुख-समृद्धि भी बनी रहती है। 

Parama Ekadashi Upay 2026 Parama Ekadashi ko kitne diye jalte hain Parama Ekadashi Ke Upay

Parama Ekadashi Upay 2026 : परमा एकादशी के आज खास महासंयोग पर शाम का समय बेहद शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्यास्त के बाद परमा एकादशी के दिन किया गया दीपदान जीवन और ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम कर सकता है। अगर आप परमा एकादशी की शाम को इन 4 विशेष जगहों पर दीपक जलाते हैं, तो घर से दरिद्रता, गृह क्लेश और शनि दोष हमेशा के लिए दूर हो सकते हैं। साथ ही, दीपक जलाते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना बिल्कुल न भूलें।

शाम में परमा एकादशी पर इन 4 जगहों पर जलाएं दीपक, बढ़ेगी सुख-समृद्धि

घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा)

आज परमा एकादशी की शाम को अपने घर के पूजा स्थल या ईशान कोण में एक दीपक जरूर जलाएं। इससे विष्णु देव प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि तथा धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती।

पीपल के पेड़ के नीचे

परमा एकादशी की शाम को किसी भी पीपल के पेड़ के नीचे जाकर सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं। शास्त्रों के अनुसार, पीपल में त्रिदोष (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) के साथ-साथ शनि देव का भी वास होता है। यहां दीपक जलाने से जीवन के बड़े से बड़े संकट टल सकते हैं।

घर का मुख्य द्वार

शाम के समय परमा एकादशी को अपने घर के मुख्य दरवाजे के बाहर, चौखट के दाईं ओर (जब आप घर से बाहर निकल रहे हों) एक दीपक जलाएं। ध्यान रहे कि इस दीपक का मुख दक्षिण दिशा की तरफ होना चाहिए। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती है।

विष्णु मंदिर

अगर संभव हो, तो आज परमा एकादशी की शाम किसी विष्णु मंदिर जाकर भगवान के चरणों के पास दीपदान करें।

दीपक जलाते समय इन बातों का ध्यान जरूर रखें

  1. कभी भी जलते हुए दीपक को सीधे ठंडी जमीन पर न रखें। दीपक रखने से पहले जमीन पर थोड़े से काले तिल, चावल या फूलों की पंखुड़ियां रख दें (जिसे आसन देना कहते हैं)। फिर उसके ऊपर दीपक स्थापित करें।
  2. आज के दिन घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं। बत्ती के लिए लाल कलावा (मौली) या सूती धागे की बत्ती का उपयोग करना सबसे उत्तम माना जाता है।
  3. अगर आप पितरों के लिए मुख्य द्वार पर दीपक जला रहे हैं, तो उसमें थोड़ी सी काली उड़द की दाल डाल सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Shrishti Chaubey

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