परमा एकादशी कल, इन 5 आसान उपायों से दूर होगी कंगाली और मां लक्ष्मी का घर पर होगा स्थाई वास

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Parama ekadashi upay 2026: परमा एकादशी का व्रत धन के देवता भगवान कुबेर ने रखा था। मान्यता है कि इस व्रत के पुण्य प्रभाव से वे धनाध्यक्ष बने थे। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन कुछ उपायों को करने से व्यक्ति धनवान बन सकता है।

Parama ekadashi upay in hindi

Parama ekadashi 2026 dhan prapti ke upay: अधिक मास में तीन साल बाद परमा एकादशी व्रत का संयोग बन रहा है। परमा एकादशी व्रत 11 जून 2026, गुरुवार को रखा जाएगा। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान कुबेर जन्म से धनपति नहीं थे। वह भगवान शिव के परम भक्त थे। भगवान कुबेर आर्थिक संकट और कंगाली से घिरे थे। परमा एकादशी का व्रत भगवान शिव की गुप्त सलाह से भगवान कुबेर ने रखा था। इस व्रत के पुण्य प्रभाव से भगवान कुबेर 'धन के देवता' बने थे। मान्यता है कि इस व्रत को करने से कंगाली दूर होती है और आर्थिक खुशहाली आती है।

भगवान कुबेर ने किया था पंचरात्रिका व्रत-

कहा जाता है कि भगवान शिव के कहने पर कुबेर देवता ने परमा एकादशी से अमावस्या तक पंचरात्रिका व्रत का विधिपूर्वक पालन किया था। भगवान कुबेर की तपस्या और निष्ठा से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें देवताओं का 'धनाध्यक्ष' बना दिया था। मान्यता है कि तभी से भगवान कुबेर को 'धन का देवता' कहा जाने लगा।

धन प्राप्ति के लिए परमा एकादशी के उपाय-

परमा एकादशी की शाम से लेकर अमावस्या तिथि की रात तक घर के मुख्य द्वार में गाय के घी का दीपक जलाना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और मां लक्ष्मी का घर में वास होता है।

2. पुराणों के अनुसार, एकादशी तिथि के दिन मानसिक शुद्धि भी जरूरी होती है। इस दिन मन से क्रोध, लालच और निंदा का पूरी तरह से त्याग करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।

3. एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा में पांच पीली कौड़ियां अर्पित करें। अमावस्या के बाद इन्हें एक लाल या पीले कपड़े में बांधकर धन रखने के स्थान या तिजोरी में रख दें। मान्यता है कि ऐसा करने से दरिद्रता दूर होती है और धन लाभ होता है।

4. परमा एकादशी तिथि से लेकर अमावस्या तिथि के व्रत को पंचरात्रिका व्रत कहा जाता है। मान्यता है कि पंचरात्रिका व्रत की हर शाम को मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पंच मुखी दीपक से आरती करें। मान्यता है कि ऐसा करने से अटके हुए धन की वापसी होती है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है।

5. पंचरात्रिका व्रत के आखिरी दिन यानी अमावस्या के दिन किसी गरीब या जरूरतमंद को अन्न, जल, वस्त्र और पीले फलों का दान करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से धन का आवक बढ़ता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


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