Papmochani Ekadashi 2026: 14 या 15 मार्च आखिर कब है पापमोचनी एकादशी? इस दिन भूलकर भी ना करें ये गलतियां

Mar 11, 2026 04:40 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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जल्द ही पापमोचनी एकादशी आने वाली है। आज इस एकादशी की तारीख से लेकर मुहूर्त और पूजा विधि की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि आखिर इस दिन किन चीजों को करने से बचना हमें चाहिए?

Papmochani Ekadashi 2026: 14 या 15 मार्च आखिर कब है पापमोचनी एकादशी? इस दिन भूलकर भी ना करें ये गलतियां

Papmochani Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत ही महत्व रखती है। महीने में एकादशी 2 बार आती है। पहली बार कृष्ण पक्ष में पड़ती है और दूसरी वाली शुक्ल पक्ष में। ऐसे में साल भर में कुल 24 एकादशी पड़ती है। हालांकि इस साल अधिकमास होने की वजह से इस बार एकादशी की संख्या बढ़ सकती है। फिलहाल तो इस महीने आने वाले दिनों में पापमोचनी एकादशी पड़ने वाली है। ये वाली एकादशी अपने आप में ही खास है। दरअसल माना जाता है कि इस एकादशी पर पूजा की जाए और व्रत रखा जाए तो इससे सारे पाप मिट जाते हैं। इसका अर्थ इसके नाम में ही छिपा है। पापमोचनी का मतलब पापों को मोचन यानी खत्म करने वाली। आज बात करेंगे कि इस साल यानी 2026 में पापमोचनी एकादशी कब पड़ रही है? साथ ही जानेंगे कि इस दौरान किन गलतियों को करने से बचना चाहिए?

इस तारीख को है पापमोचनी एकादशी

इस एकादशी को सिर्फ व्रत और पूजा तक ही सीमित नहीं रखा जाता है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि इस दिन हम अपने अंदर की बुराइयों का त्याग कर सकते हैं। पापमोचनी एकादशी से बेहतर दिन इसके लिए कुछ भी नहीं हो सकता है। इस साल पापमोचनी एकादशी 15 मार्च को है। इस दिन के लिए शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है। नीचे डालें एक नजर-

पापमोचनी एकादशी का मुहूर्त

हिंदू पंचांग के हिसाब से इस महीने एकादशी तिथि की शुरुआत 14 मार्च की सुबह 8 बजकर 11 बजे से हो जाएगी। इस दिन शनिवार पड़ेगा। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 15 मार्च की सुबह 9 बजकर 17 मिनट पर हो जाएगा। उदयातिथि 15 को रहेगी तो इसी दिन पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा।

पापमोचनी एकादशी पर ना करें गलतियां

इस खास दिन पर कुछ गलतियों को करने से जरूर बचना चाहिए। अगर व्रत और पूजा का पूरा-पूरा फल चाहिए तो इसके लिए ये बात ध्यान में रखनी चाहिए कि कोई भी गलती ना हो। एकादशी पर चावल नहीं खाना चाहिए और ये नियम पापमोचनी एकादशी पर लागू होता है। इस दिन किसी के लिए भी मन में बुरा ख्याल नहीं लाना चाहिए। इसके अलावा इस दिन किसी भी कीमत पर तुलसी का पत्ता नहीं तोड़ना चाहिए। साथ ही तामसिक भोजन करने से भी बचना चाहिए।

ऐसे करें पापमोचनी एकादशी की पूजा

पापमोचनी एकादशी की पूजा काफी आसान है। इस दिन भगवान विष्णु के खास चतुर्भुज रूप की आराधना होती है। इस दिन सुबह उठकर साफ कपड़े पहन लें। अगर आप पीले रंग के कपड़े पहनेंगे तो और भी अच्छा होगा। मंदिर में भगवान विष्णु की तस्वीर की स्थापना के बाद धूप बत्ती और दीया जलाएं। इसके बाद भगवान को पीले रंग का फूल अर्पित करें। साथ ही पंचामृत भी रखें। पूजा करने के बाद आखिरी में पापमोचनी एकादशी व्रत की कथा का पाठ करें और इसके बाद भगवान से किसी भी भूल-चूक के लिए माफी मांग लें।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


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गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


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