पापमोचनी एकादशी पर करें इन 5 मंत्रों का जाप, भगवान विष्णु के आशीर्वाद से परिवार में बढ़ेगी समृद्धि

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Papmochani Ekadashi 2026 Vishnu Mantra: पापमोचनी एकादशी पर भगवान विष्णु की विशेष आराधना और मंत्र जाप से पूर्वजन्म के पाप नष्ट होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

पापमोचनी एकादशी पर करें इन 5 मंत्रों का जाप, भगवान विष्णु के आशीर्वाद से परिवार में बढ़ेगी समृद्धि

पापमोचनी एकादशी चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में पड़ती है और यह तिथि सभी पापों को मोचन करने वाली मानी जाती है। इस साल यह व्रत 15 मार्च 2026 को रखा जाएगा। पापमोचनी एकादशी पर भगवान विष्णु की विशेष आराधना और मंत्र जाप से पूर्वजन्म के पाप नष्ट होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। इस पावन दिन पर कुछ विशेष विष्णु मंत्रों का जाप करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। ये मंत्र शांति, समृद्धि और पाप-मोचन के लिए अत्यंत प्रभावी हैं। आइए जानते हैं इन 5 मंत्रों की विधि और लाभ।

शांताकारं भुजगशयनं मंत्र

शांताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं, विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।

लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं, वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥

जाप विधि:

सुबह स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें। विष्णु जी की मूर्ति या चित्र के सामने पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। माला से 108 या 1008 बार जाप करें। जाप के दौरान मन में शांति और भक्ति भाव रखें।

लाभ: यह मंत्र विष्णु सहस्रनाम का सार है। इससे भवभय (जन्म-मृत्यु का भय) दूर होता है, मन शांत रहता है और परिवार में सुख-शांति बढ़ती है। पापमोचनी एकादशी पर इसका जाप विशेष फलदायी है।

विष्णु गायत्री मंत्र

ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्॥

जाप विधि:

ब्रह्म मुहूर्त में या पूजा के समय इस मंत्र का 108 बार जाप करें। तुलसी की माला का प्रयोग करें। जाप के बाद भगवान विष्णु को पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें।

लाभ: यह मंत्र बुद्धि, ज्ञान और प्रेरणा देता है। इससे करियर में प्रगति होती है, निर्णय लेने की क्षमता बढ़ती है और परिवार में सकारात्मक बदलाव आते हैं। पापमोचनी पर इसका जाप पापों का नाश करता है।

वासुदेव मंत्र

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।

जाप विधि:

पूजा के दौरान या शाम को 108 या 1008 बार जाप करें। इस मंत्र का जाप करते समय भगवान विष्णु का ध्यान करें। जाप के बाद भगवान को घी का दीपक और अगरबत्ती अर्पित करें।

लाभ: यह बीज मंत्र है। इससे भगवान वासुदेव की कृपा प्राप्त होती है, घर में सुख-शांति आती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है। पापमोचनी एकादशी पर इसका जाप विशेष रूप से पाप-मोचन करता है।

भूरिदा मंत्र (ऋग्वेद से)

ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि॥

ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि॥

जाप विधि:

सुबह या शाम को शांत स्थान पर बैठकर 108 बार जाप करें। जाप के दौरान मन में धन-धान्य और समृद्धि की कामना करें। जाप के बाद भगवान विष्णु को पीले फूल चढ़ाएं।

लाभ: यह मंत्र धन, समृद्धि और बुद्धि की वृद्धि करता है। इससे परिवार में आर्थिक तंगी दूर होती है और जीवन में प्रचुरता आती है। पापमोचनी पर इसका जाप विशेष फलदायी है।

इन मंत्रों के जाप से मिलने वाले विशेष लाभ

पापमोचनी एकादशी पर इन मंत्रों का जाप करने से:

  • पूर्वजन्म के पाप नष्ट होते हैं।
  • परिवार में सुख-शांति और आपसी प्रेम बढ़ता है।
  • करियर और आर्थिक स्थिति में स्थिरता आती है।
  • नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।
  • भगवान विष्णु की कृपा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

जाप के सामान्य नियम:

  • साफ मन और शुद्धता से जाप करें।
  • तुलसी की माला का प्रयोग करें।
  • जाप के दौरान शाकाहारी भोजन करें।
  • जाप के बाद भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करें।

पापमोचनी एकादशी पर इन मंत्रों का जाप श्रद्धा और नियमितता से करें। इससे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है और परिवार में समृद्धि, स्वास्थ्य और सुख बढ़ता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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