DA Image
29 मार्च, 2021|11:49|IST

अगली स्टोरी

रेखाओं का यह इशारा समझिए, बीमारी का पता चल जाएगा

जीवन में ऐसा कम ही होता है कि व्यक्ति बीमार ना पड़े। खानापान, जीवनशैली और दिनचर्या सहित अनेक ऐसे कारक है जिससे बीमारी होती है, लेकिन कई बार व्यक्ति को बेहद गंभीर रोग भी घेरे लेते हैं। हस्तरेखा विज्ञान में रोग को लेकर तमाम भविष्यवाणियां की गई हैं। उचित खानपान, संयमित जीवनशैली और दिनचर्या के बावजूद गंभीर रोग होने पर व्यक्ति को लगता है कि उसे ऐसा कैसे हो गया। हालांकि हस्तरेखा की प्रकृति और उनकी बनावट रोगों के बारे में संकेत देती है।  

-हृदय रेखा पर गोल द्वीप का निशान हो, शनि क्षेत्र के नीचे मस्तिष्क रेखा पीली पड़ रही हो, आयु रेखा के पास मंगल क्षेत्र पर काला निशान बना हो अथवा  हृदय रेखा पर काला तिल या द्वीप हो तो ऐसे व्यक्ति को एकाएक बेहोशी या हृदयघात का खतरा रहता है। 
-नाखून ऊंचे उठे हों, मस्तिष्क रेखा शनि पर्वत से बुध पर्वत तक पंखनुमा होकर जाए तो व्यक्ति को टीबी हो सकती है। 
-हाथों की नुकीली और मुड़ी हुई हों, पर्वत दबे रहें अथवा नाखून लाल हों तो यह मिर्गी रोग के लक्षण हो सकते हैं। 

यह भी पढ़ें: Holashtak 2021: होलाष्टक को क्यों माना जाता है अशुभ, पढ़ें प्रहलाद और कामदेव को लेकर प्रचलित कथाएं

-हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार यदि बुध रेखा पर काले निशान के सथ नक्षत्र और द्वीप बन जाएं तो यह व्यक्ति के पीलिया से ग्रसित होने का संकेत देता है। 
-मस्तिष्क रेखा पर शनि क्षेत्र के नीचे के हिस्से में जंजीरनुमा जैसे निशान दिखें तो यह गले एवं फेफेड़े के रोगों का संकेत है। 
-शनि क्षेत्र पर बहुत सी रेखाएं हों और यह रेखाओं से भरा हो, बुध एवं शनि रेखा लहरदार और लंबी हो अथवा अंगुली में बीच का हिस्सा अत्यधिक लंबा हो तो ऐसे व्यक्ति को दांतों से जुड़े रोग हो सकते हैं। 
(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है। 
 

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Understand this gesture of the lines the disease will be detected