DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जिंदगी के बारे में बहुत कुछ बताती हैं ये तीन रेखाएं

हस्‍तरेखा में विवाह देखा, भाग्‍य रेखा और मंगल पर्वत तीनों ही महत्‍वपूर्ण स्‍थान हैं। इन पर रेखाओं का बदलाव या नए चिह्नों का बनना बहुत प्रभाव डालता है। हस्‍तरेखा विशेषज्ञ जयप्रकाश के अनुसार ये तीनों ही स्‍थान व्‍यक्‍ति के जीवन को आगे बढ़ाने या परेशानियों के बारे में भी बहुत कुछ इशारा करते हैं। सबसे पहले बात बुध पर्वत पर स्‍थित विवाह रेखा की। हथेली में विवाह रेखा सबसे छोटी उंगली के नीचे होती है वह हाथ में बुध पर्वत है। यदि विवाह रेखा सीधी न हो और नीचे की ओर झुक रही हो अथवा आकार में गोल हो रही हो तो यह स्थिति जीवनसाथी के स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं मानी गई है। ऐसे मामलों में जीवनसाथी अक्‍सर बीमार रहता है। हालांकि विवाह रेखा में इस तरह के दोष के बावजूद उस पर कोई  चतुष्कोण बन जाए तो जीवनसाथी के जीवन से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलती है।
इसी तरह से भाग्‍य रेखा है। यह व्‍यक्‍ति के जीवन के बारे में बहुत कुछ बयां करती है। यदि हथेली में भाग्य रेखा टूटी हो तो कार्यों में रुकावटें  आती हैं। इससे व्‍यक्‍ति कई बार परेशान हो जाता है। ऐसे में भाग्य रेखा के आस-पास ही यइि चतुष्कोण बन जाए तो समस्याएं आएंगी, लेकिन सफलता भी मिलती रहेंगी। इसी तरह ही है मंगल पर्वत। यह पर्वत हथेली में दो जगह होता है। एक तो जीवन रेखा के ठीक नीचे अंगूठे के पास वाले स्थान पर होता है और दूसरा हृदय रेखा के ठीक नीचे मस्तिष्क रेखा के पास वाले स्थान पर होता है। मंगल पर्वत की दबी हुई स्थिति साहस की कमी को दर्शाती है। मंगल पर्वत पर चतुष्कोण होने से साहस की कमी होने पर भी असफल होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। शत्रुओं पर भी विजय प्राप्त होती है।

(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

बात-बात पर दुखी हो जाते हैं ऐसी रेखा वाले

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:These three lines tell a lot about life