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शत्रुओं से नहीं घबराते ऐसे लोग, पाते हैं विजय

हस्‍तरेखा में विवाह रेखा, भाग्‍य रेखा और मंगल पर्वत महत्‍वपूर्ण माने जाते हैं। विवाह रेखा जहां व्‍यक्‍ति की वैवाहिक जीवन को दर्शाती है वहीं भाग्‍य रेखा उसके जीवन के बारे में संकेत देती है। मंगल पर्वत व्‍यक्‍ति में साहस और उसकी क्षमता को दर्शाता है। पं.शिवकुमार शर्मा के अनुसार हाथ में इन तीनों का अपना महत्‍व है। जानिए क्‍या बताती हैा आपके हाथों की ये तीनों रेखाएं।

हथेली में भाग्य रेखा टूटी हो तो कार्यों में रुकावटें आती हैं। टूटी-फूटी भाग्‍य रेखा को अच्‍छा नहीं माना जाता। इन स्‍थितियों में यदि भाग्य रेखा के आसपास ही चतुष्कोण बन जाए तो समस्याएं आती हैं। हालांकि सफलता भी मिल जाती है।

हथेली में विवाह रेखा सबसे छोटी उंगली के नीचे बुध पर्वत पर स्थित होती है। यदि विवाह रेखा सीधी न हो और नीचे की ओर झुक रही हो या आकार में गोल हो रही हो तो यह स्थिति जीवनसाथी के स्वास्थ्य के लिए अच्छी नहीं मानी गई है। विवाह रेखा में ये दोष हो और उस पर चतुष्कोण बन जाए तो जीवनसाथी के जीवन से जुड़ी परेशानियों में राहत प्रदान करता है।

मंगल पर्वत हथेली में दो जगह होता है। एक तो जीवन रेखा के ठीक नीचे अंगूठे के पास वाले स्थान पर होता है। दूसरा हृदय रेखा के ठीक नीचे मस्तिष्क रेखा के पास वाले स्थान पर होता है। मंगल पर्वत की दबी हुई स्थिति साहस की कमी करती है। मंगल पर्वत पर चतुष्कोण होने से साहस की कमी होने पर भी असफल होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। शत्रुओं पर भी विजय प्राप्त होती है।

(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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  • Web Title:Such people are not afraid of enemies they get victory
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