उंगलियों में हों ऐसे निशान दिलाते हैं सुख-सम्‍पत्‍ति

चिह्न का प्रभाव अलग-अलग रेखाओं पर अलग होता है। यदि व्यक्ति की हथेली पर हृदय रेखा के सिरे पर गुरु पर्वत के समीप त्रिशूल का निशान हो वह समाज में गौरव और प्रतिभावान बनता है। सूर्य रेखा पर त्रिशूल का...

Praveen हिन्‍दुस्‍तान टीम , मेरठ Tue, 21 April 2020 02:59 PM
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चिह्न का प्रभाव अलग-अलग रेखाओं पर अलग होता है। यदि व्यक्ति की हथेली पर हृदय रेखा के सिरे पर गुरु पर्वत के समीप त्रिशूल का निशान हो वह समाज में गौरव और प्रतिभावान बनता है। सूर्य रेखा पर त्रिशूल का निशान हो तो व्यक्ति को सरकारी क्षेत्र में लाभ और उच्च पद-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। पं.शिव कुमार शर्मा के अनुसार जिस व्यक्ति की हथेली में भगवान शिव का प्रतीक चिह्न त्रिशूल बना हो तो उन रेखाओं का फल कई गुणा बढ़ जाता है। यदि ये चिन्ह भाग्य रेखा पर हों तो वह व्यक्ति बहुत ही भाग्यशाली होता है और उसे सभी सुखों की प्राप्ति होती है। त्रिशूल के चिन्ह के साथ अन्य रेखाएं निकलने पर विपरीत परिणाम की प्राप्ति होती है।
पं.शिवकुमार के अनुसार जिसके हाथ की दस उंगलियों में भगवान विरष्णु के प्रतीक चक्र का चिन्ह हो वह चक्रवर्ती होता है। प्राचीन समय में माना जाता है कि ऐसे व्यक्ति को राजयोग की प्राप्ति होती है। आज के समय में इस चिह्न का अर्थ बड़ी भूमि पर आधिपत्य होता है। उसे सरकारी पद और धन-संपत्ति मिलती है। हथेली में मछली का चिन्ह होना शुभ माना जाता है। यदि ये चिन्ह जीवन रेखा या भाग्य रेखा पर हो तो वह व्यक्ति भाग्यशाली होता है और यह निशान दीर्घायु का भी प्रतीक माना जाता है

(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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