DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आप बुद्धिमान और गंभीर हैं तो आपका यह ग्रह है मजबूत

हाथ में मध्यमा अंगुली के नीचे शनि पर्वत का स्थान है। हस्‍तरेखा में शनि बहुत से गुण और दुर्गणों का कारण बनता है। किसी भी व्‍यक्‍ति के हाथों में यह पर्वत बहुत भाग्यशाली मनुष्यों के हाथों में ही विकसित होता है। हाथ में शनि कितना सशक्‍त है, इसका अनुमान मध्यमा की लम्बाई और गठन से देखकर ही लगाया जा सकता है। यदि मध्‍यमा उंगली लम्बी और सीधी है तथा गुरु और सूर्य की अंगुलियां उसकी ओर झुक रही हैं तो मनुष्य के स्वभाव और चरित्र में शनि ग्रहों के गुणों की प्रधानता होगी।

ज्‍योतिषी सुखविंदर सिंह के अनुसार ऐसे लोगों में बुद्धिमता, गंभीरता, सहनशीलता, विनम्रता, अनुसंधान, अंतर्मुखी और अकेलापन जैसे लक्षण मिलते हैा। ऐसे लोगों में शनि के दुर्गुणों भी बहुत मिलते हैं। अज्ञान, अंधविश्वास और इसमें ही शामिल हैं। शनि ग्रह से प्रभावित मनुष्य के शारीरिक गठन को बहुत आसानी से पहचाना जा सकता है। ऐसे मनुष्य कद में असामान्य रूप में लम्बे होते हैं। उनका शरीर सुसंगठित, लेकिन सिर पर बाल कम होते हैं। लम्बे चेहरे पर अविश्वास और संदेह से भरी उनकी गहरी और छोटी आंखें हमेशा उदास रहती हैं। यद्यपि उत्तोजना, क्रोध और घृणा को वह छिपा नहीं पाते। इस पर्वत के अभाव होने से मनुष्य अपने जीवन में अधिक सफलता या सम्मान नहीं प्राप्त कर पाता। मध्यमा अंगुली भाग्य की देवी है। भाग्यरेखा की समाप्ति प्रायः इसी अंगुली की मूल में होती है। पूर्ण विकसित शनि पर्वत वाला मनुष्य प्रबल भाग्यवान होता है। ऐसे मनुष्य जीवन में अपने प्रयत्नों से बहुत अधिक उन्नति प्राप्त करते हैं। शुभ शनि पर्वत प्रधान मनुष्य, इंजीनियर, वैज्ञानिक, जादूगर, साहित्यकार, ज्योतिषी, कृषक अथवा रसायन शास्त्री होते हैं।

 (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

न हों निराश, खुल जाएंगे सफलता के मार्ग

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:If you are intelligent and serious then your planet is strong
Astro Buddy