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यहां हो निशान तो गुस्‍सा और सिरदर्द रहेगा

हस्‍तरेखा में मंगल क्षेत्र का बड़ा योगदान है। हाथ में निम्‍न और उच्‍च मंगल दो क्षेत्र होते हैं। आचार्य दिनेश भारद्वाज के अनुसार मंगल का प्रभाव व्‍यक्‍ति के पूरे जीवन पर दिखता है। यदि मंगल मजबूत स्‍थिति में और शुभ हो तो जातक का व्‍यक्‍तित्‍व निडर होता है। आचार्य दिनेश के मुताबिक हाथ में मंगल और अन्‍य पर्वतों का संयोजन कई संकेत देता है।

यदि ऊपर का मंगल बुध पर्वत की ओर खिसका हो तो ऐसा जातक का स्वभाव उग्र होता है। वह हमेशा अपने को एक कुशल योद्धा समझता है। कभी-कभी ऐसे व्‍यक्‍ति के शरीर की चीरफाड़ तक हो जाती है। उसका अत्याधिक मात्रा में रक्त बह सकता है। इसी तरह यदि मंगल पर्वत से कोई रेखा निकलकर जीवनरेखा तक पहुंचे तो वह रेखा को जीवन रेखा जहां काट रही हो उस समय तथा उम्र में किसी दुर्घटना का योग बनता है। इस स्‍थिति  में व्‍यक्‍ति अपने शरीर का कोई अंग भी गंवा सकता है।

मंगल पर्वत पर कोई क्रास का निशान या द्वीप होना जातक को सिरदर्द, थकान, गुस्सा जैसी बीमारियों का कारण बनता है। मंगल पर्वत का अविकसित होना जातक डिप्रेशन का मरीज बनाता है। यदि मगंल पर्वत से कोई रेखा चंद्र पर्वत तक जाए तो ऐसा जातक निर्णय लेने में विलंब तथा लगातार अनियमित कार्य करने का आदी होता है। यह मंगल पर्वत यदि चंद्र पर्वत से दबा हो तो उसे सफलता ना मिलने के कारण चिड़चिड़ापन भी होता है। इस पर्वत पर कोई अशुभ चिह्न व्यक्ति को आर्थिक मुसीबतों और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है और उसकी वाणी प्रभावित होती है।

(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

हस्तरेखा ज्योतिष: बड़े और नामी कलाकार होते हैं ऐसे लोग

 

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