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हस्तरेखाहस्तरेखा : सिरदर्द और थकान जैसी बीमारी देता है इस पर्वत पर बना निशान

पंचांग पुराण टीम ,मेरठ Published By: Praveen
Fri, 25 Sep 2020 07:44 AM
हस्तरेखा : सिरदर्द और थकान जैसी बीमारी देता है इस पर्वत पर बना निशान

हस्तरेखा में मंगल क्षेत्र का बड़ा महत्व बताया गया है। ज्योतिष में दो तरह के मंगल होते हैं। एक निम्न मंगल और दूसरा उच्च मंगल। दोनों को ही अपना-अपना महत्व है। पं.अभि भारद्वाज के अनुसार मंगल का असर व्यक्ति के पूरे जीवन पर दिखता है। यदि मंगल मजबूत स्थिति में है और शुभ हो तो जातक का व्यक्तित्व निडर होता है। हाथ में मंगल और अन्य  पर्वतों का मिलन भी कई तरह के संकेत देता है।
यदि ऊपर का मंगल बुध पर्वत की ओर खिसका हो तो ऐेसा व्यक्ति स्वभाव में उग्र हो जाता है। वह हमेशा खुद को कुशल योद्धा समझता है। इसके चलते व्यक्ति कई बार ऐसी स्थिति में फंस जाता है जहां उसके शरीर की चीरफाड़ होने की नौबत आ जाती है। ऐसे व्यक्ति के शरीर से बहुत अधिक रक्तस्राव हो सकता है। यदि मंगल पर्वत से कोई रेखा निकलकर जीवनरेखा तक पहुंचे और वह जीवन रेखा को जहां पर काटे तो उस समय एवं उम्र में दुर्घटना का योग बनते हैं। इस तरह की दुर्घटना में व्यक्ति के शरीर का कोई एक अंग गंवाने की स्थितियां बन सकती हैं।

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मंगल पर्वत पर क्रास का निशान या द्वीप का होना जातक को सिरदर्द, थकान और गुस्से जैसी बीमारियां देता है। लेकिन यदि मंगल पर्वत अविकसित है तो व्यक्ति डिप्रेशन का मरीज हो जाता है।  यदि मगंल पर्वत से कोई रेखा चंद्र पर्वत तक जाए तो ऐसा जातक निर्णय लेने में देरी और अनियमित कार्य करने का आदी होता है। मंगल पर्वत यदि चंद्र पर्वत से दबा हो तो उसे सफलता ना मिलने के कारण चिड़चिड़ापन भी होता है। इस पर्वत पर कोई अशुभ चिह्न व्यक्ति को आर्थिक मुसीबतों और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है और उसकी वाणी प्रभावित होती है।
(इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।)

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