Palmistry: हथेली पर बना सूर्य पर्वत खोलता है आपके कई राज, हस्तरेखा का ये संकेत ना करें नजरअंदाज

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Surya Parvat: हस्तरेखा शास्त्र के हिसाब से हमारे हाथ में मौजूद सूर्य पर्वत हमारे बारे में काफी कुछ कहता है। नीचे विस्तार से जानें इसके बारे में…

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ज्योतिष और अंक शास्त्र की तरह ही हस्तरेखा शास्त्र के माध्यम से भी भविष्य से जुड़े संकेत जाने जा सकते हैं। इस शास्त्र के हिसाब से हमारी हथेली पर बनी हर एक रेखाएं और निशान हमारे बारे में काफी कुछ बयान करती हैं। बता दें कि हमारी हथेली में कई रेखाओं के अलावा कुछ पर्वत भी बने होते हैं। इनकी मदद से स्वभाव से लेकर भविष्य से जुड़ी कई बातों को समझ सकते हैं। हाथ में जीवन रेखा से लेकर मस्तिष्क रेखा, हृदय रेखा और भाग्य रेखा होती है। इसी के साथ शुक्र से लेकर सूर्य और चंद्र पर्वत होते हैं। आज बात करेंगे सूर्य पर्वत के बारे में और बारीकी से समझेंगे कि इसका मतलब क्या होता है और ये किस-किस प्रकार के होते हैं और इनके क्या संकेत हैं?

हथेली में कहां होता है सूर्य पर्वत?

अपनी हथेली में आप पहले अनामिका उंगली को देखें। इसे रिंग फिंगर के नाम से जानते हैं। इस उंगली के ठीक नीचे ही सूर्य पर्वत होता है। इस पर्वत के माध्यम से हमें पता चल पाता है कि जिंदगी में किसी सफलता मिलेगी और मान-सम्मान कितना मिलता है? साथ ही ये हमें हमारी सेहत, एनर्जी और कॉन्फिडेंस से जुड़े संकेत भी देता है। अगर सूर्य पर्वत सही हो और उभरा हुआ हो तो इसे अच्छा माना जाता है लेकिन अगर इसमें थोड़ा सा भी बदलाव हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

सूर्य पर्वत के संकेत

उभरा हुआ सूर्य पर्वत- वैसे तो सूर्य पर्वत हर किसी की हथेली में होता है लेकिन अगर ऐसा ना हो तो माना जाता है कि ऐसा व्यक्ति बहुत ही साधारण सी जिंदगी जीता है। अगर ये पूर्ण रूप से विकसित और गुलाबी रंग लिए हुए हो तो ऐसा व्यक्ति उच्च पद हासिल करता है। साथ ही ऐसा व्यक्ति बहुत ही क्रिएटिव होता है। ये लोग मुख्य रूप से कलाकार, चित्रकार या फिर संगीतकार बनते हैं। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार सूर्य पर्वत ऐसा हो तो ऐसे व्यक्ति ईमानदारी के साथ जिंदगी बिताते हैं और इन्हें लग्जरी पसंद होती है। अगर ऐसे व्यक्ति का गुरु ग्रह भी अच्छा निकल जाए तो ऐसे लोग ज्ञान और चिंतन के क्षेत्र में अच्छा करते हैं।

दबा हुआ सूर्य पर्वत- जिसके हाथ में सूर्य पर्वत दबा हुआ होता है तो ऐसे लोग मानसिक और शारीरिक रूप से दुर्बल होंगे। साथ ही ऐसे लोग बुझे-बुझे से लगेंगे और उनमें कोई भी तेज नहीं होगा।

झुका हुआ सूर्य पर्वत- अगर हाथ में सूर्य पर्वत शनि की ओर झुका हुआ होता है तो ऐसे लोग एकांत में रहना ज्यादा पसंद करते हैं। साथ ही ये लोग ज्यादा समय निराशावादी भावना से ही घिरे रहते हैं। ऐसे लोगों की जिंदगी में पैसों की कमी हमेशा रहती है। अगर ये बुध की ओर झुका हुआ हो तो ऐसे लोगों को समाज में खूब मान-सम्मान मिलता है। वहीं अगर इसके आसपास ज्यादा रेखाएं होती हैं तो ऐसे लोग हमेशा बीमार ही रहते हैं।

सोर्स: कीरो हस्तरेखा विज्ञान, आबिद रिजवी

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए हस्तरेखा विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र

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