हस्तरेखा शास्त्र: हाथ की इस रेखा से जानें क्या किस्मत में 1 से ज्यादा बार लिखी है शादी?

Feb 19, 2026 02:44 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हाथ की रेखाओं को समझकर अपने बारे में काफी कुछ जाना जा सकता है। हाथ की रेखा से शादी से जुड़ी कई जानकारियां मिल जाती है। नीचे जानें विवाह रेखा से जुड़े फैक्ट्स-

हस्तरेखा शास्त्र: हाथ की इस रेखा से जानें क्या किस्मत में 1 से ज्यादा बार लिखी है शादी?

Palmistry Reading: हर कोई चाहता है कि उसे इस चीज का हिंट मिल जाए कि उसकी जिंदगी में आगे क्या होने वाला है? लोग अपनी कुंडली ज्योतिष को दिखाते हैं और उस हिसाब से उपाय करते है। बता दें कि हाथ की रेखाओं-पर्वत और उन पर बने हुए निशान को अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाला समय कैसा हो सकता है। हस्तरेखा शास्त्र के आधार पर शादी, करियर, स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति से जुड़ी चीजें समझी जा सकती हैं। आज बात करेंगे उस रेखा कि जो शादी से रिलेटेड जरूरी जानकारी हमें दे सकती है। हमारी हथेली में विवाह रेखा होता है, जिसकी मदद से ये जान सकते हैं कि शादी के बाद जिंदगी होगी? साथ ही ये भी पता किया जा सकता है कि शादी लव होगी या फिर अरैंज? इतना ही नहीं अगर किसी की किस्मत में दो शादियों के योग हैं तो भी इसका हिंट हाथ में ही मिल जाएगा। नीचे विस्तार से जानें आखिर इसका पता कैसे लग पाता है?

कहां होती है विवाह रेखा?

बता दें कि हाथ में विवाह रेखा सबसे छोटी उंगली यानी कनिष्ठा के ठीक नीचे होती है। ये हृदय रेखा के एकदम ठीक ऊपर और बुध पर्वत के पास स्थित होती है। बुध पर्वत पर बाहर से अंदर की ओर जो रेखा आती है वही विवाह रेखा कहलाती है। इसी रेखा से पता लगाया जा सकता है कि किसी की शादी उसकी पसंद से होगी या फिर ये अरैंज होने वाली है। इसके प्लेसमेंट से पता किया जा सकता है कि शादी कैसी चलेगी। साथ ही इसी रेखा से दो शादियों का हिंट भी मिलता है।

ऐसे करें पता

अगर हाथ में विवाह रेखा एक से ज्यादा हो और इसमें से उसी रेखा को माना जाएगा जो क्लियर हो। बाकी छोटी-मोटी रेखाएं पुराने रिश्ते के टूटने का संकेत देती हैं। बहुत ज्यादा विवाह रेखा का मतलब होता है कि या तो जातक का तलाक होगा या फिर वो रिश्ते में ईमानदार नहीं होगा। वहीं अगर दो विवाह रेखाएं हैं और एक डार्क है। अगर इसमें से एक रेखा बुध पर्वत तक विकसित होती है तो ऐसे जातक की दो शादियां होती हैं। वहीं अगर ये रेखा ऊपर की ओर जाकर हृदय रेखा से जाकर मिल जाती है तो ऐसे लोगों की शादी में दिक्कत आती है। वहीं अगर किसी की हथेली में इस रेखा पर क्रॉस का निशान होता है तो भी ऐसे लोगों की शादी में कई तरह की बाधाएं देखने को मिलती हैं।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए हस्तरेखा विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो


गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।


परिचय और अनुभव

गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पिछले 8 महीनों से लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।


करियर

गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।


एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच

गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।


व्यक्तिगत रुचियां

काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।


विशेषज्ञता

वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी, फेंगशुई, डेली और वीकली राशिफल

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