Palmistry: आपके हाथ में सूर्य रेखा क्या देती है लाभ, कहां होती है यह रेखा

लाइव हिन्दुस्तान
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सूर्य रेखा कोई मेन रेखा नहीं है। लेकिन आपके हाथ में इसे जरूर देखा जाता है। यहां हम इस रेखा के बारे में आपको बताएंगे। 

हस्तरेखा शास्त्र

हस्तरेखा से आपके बारे में काफी जानकारी मिल सकती है। आपकी लाइफ में कैसे रेखाओं चीजों का निर्धारणकरती हैं, इसके बारे में हस्तरेखा एक्सपर्ट आपको बता सकता है। इसी कड़ी में हम लोग आज सूर्य रेखा के बारे में बात करेंगे। ये कहां होती है और इसे क्यों देखा जाता है। इसससे आपकी लाइफ में क्या असर होता है?

कहां होती है सूर्य रेखा?

सूर्य रेखा आपके हाथ की अनामिका उंगली के ठीक नीचे से निकलती है। यहां अनामिका उंगली का मतलब रिंग फिंगर है। हस्तरेखा विज्ञान में सफलता, मान-सम्मान और प्रसिद्धि के लिए जाना जाता है। अगर आपके हाथ में सही है। आपको लाइफ में ऊंचा स्थान, धन, और नौकरी में एक अलग पहचान दिलाती है। छोटी सी रेखा होने के साथ-साथ इसके कारक बड़े हैं, इसलिए इसे खासतौर पर देखा जाता है।

कैसी होनी चाहिए सूर्य रेखा, जो देती है लाभ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर हथेली पर एक साथ दो सूर्य रेखाएं एक साथ आगे बढ़ती हैं तो इसे अच्छा कहा जाता है। ऐसे लोगों को बड़ा प्राशसनिक पद मिलता है। अगर आपके हाथ के सूर्य पर्वत से निकलने वाली रेखा की एक शाखा फेलकर मध्यमा उंगली और दूसरी शाखा छोटी उंगली में जाए तो आप बुद्धिमान माने जाते हैं।

सूर्य रेखा पर स्वास्तिक का निशान अगर बन रहा है तो इसे बहुत शुभ माना जाता है।ऐसा व्यक्ति लाइफ में सम्मान पाता है। आपको पता होना चाहिए कि सूर्य रेखा स्पष्ट और गहरी होनी चाहिए। आपको यह भी समझना चाहिए कि जिन व्यक्तियों के हाथ मे यह रेखा पाई जाती है उनमे क्रियात्मक शक्ति बहुत खास मानी जाती है। इसलिए इस रेखा का बहुत अधिक महत्व है, जिसे आपको समझना चाहिए। कई लोगों के हाथ में ये रेखा अनामिका उंगली के थोड़े नीचे से शुरू होती है, जिसे बहुत अधिक खास नहीं माना जाता है।

कैसी सूर्य रेखा मानी जाती है खराब

यदि रेखा पतली हो तो इसका पूरा असर आप पर नहींपड़ता है। जिन लोगों के हाथों में ये हल्की होती है, उन्हें थोडा सा मान, थोडी सी प्रतिष्ठा और थोडा ही धन मिलता है। अगर रेखा चौड़ी और उथली हो तो इस रेखा को कमजोर समझना चाहिए । अगर आपके हाथ में सूर्य रेखा कटी हो या फिर ये बीच-बीच मे लुप्त हो गई हो या अन्यदोषों से युक्त हो तो भी ये अपना प्रभाव खो बेठती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


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अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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