Palmistry: अगर इस रेखा पर हो त्रिभुज का चिह्न हो तो बुढ़ापे में होगा भाग्योदय

लाइव हिन्दुस्तान
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Palmistry: आपके हाथों की लकीरें आपको काफी कुछ बता जाती हैं।  इसलिए यहां आपको हाथों की लकीरों के निशान के बारे में बता रहे हैं। यहां जानें इसके क्या परिणाम होते हैं।

Palmistry in hindi

आपके हाथों के चिह्न आपके बारे में काफी कुछ बता जाते हैं। अगर आपके किसी खास रेखा पर खास निशान है, तो आपकी लाइफ में काफी कुछ जानकारी दे जाते हैं। यहां हम बात करेंगे, आपके हाथ के त्रिकोण निशान के बारे में । यह निशान अलग-अलग रेखाओं पर हो तो आपके लिए अलग-अलग फल और परिणाम देता है। यहां हम आपको त्रिकोण के बारे में ही बताएंगे कि कैसे यह किसी लाइन पर होकर आपको लाभ देता है और किसी लाइन में आपको अशुभ फल देता है। कुछ लोगों के लिए यह सफलता का कारण बनता है तो कुछ लोगों के लिए असफलता का कारण भी बनता है।

बुढ़ापे में होता है भाग्योदय

त्रिभुज का साइन अगर आपके हाथों की आयु रेखा पर बनता है या दिखाई देता है तो ऐसा व्यक्ति दीर्घायु होता है। इसके अलावा अगर ऐसा साइन आपकी मस्तिष्क रेखा पर होता है, तो ऐसा व्यक्ति दिमाग का तेज होता है और खूब पढ़ाई कर अच्छा पद पाता है। अगर आपकी हार्ट लाइन पर त्रिकोण बना होता है तो उस व्यक्ति का बुढ़ापे में भाग्योदय होता है। तभी जाकर आप फेमस होते हैं और आपको धन लाभ मिलता है। अगर आपके हाथों में सूर्य रेखा पर त्रिभुज का चिह्न दिखाई दे तो वह व्यक्ति किसी भी एक क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय सफलता प्राप्त करता है। जिस व्यक्ति के भाग्य रेखा पर त्रिभुज का चिह्न हो तो उसे भाग्य का साथ नहीं मिलता है। वह असफल होता है।

विवाह रेखा पर त्रिकोण है तो क्या?

अगर विवाह रेखा पर त्रिभुज का चिह्न हो तो उसकी शादी में कई मुश्किलें आती हैं। उसका गृहस्थ जीवन प्रायः असफल सा रहता है। अगर आपकी चन्द्र रेखा पर त्रिभुज का चिह्न हो तो आपकी बल्ले -बल्ले है, आपको कई बार विदेश यात्रा का मौका मिलता है और आप सफलता पाते हैं। अगर लाइफलाइन या मस्तिष्क रेखा पर त्रिकोण बन रहा है तो इसके शुभ माना जाता है। जिन लोगों की हेल्थ लाइन और माइंड लाइन से मिलकर त्रिभुज का चिह्न बनता हो तो वह प्रखर बुद्धि का होता है। अगर स्वास्थ्य तथा जीवन रेखा से मिलकर त्रिभुज का चिह्न बनता हो तो वह व्यक्ति को बहुत अधिक ऊंचा उठाने में सहायक होता है।यदि दोनों हाथों में चपटा त्रिभुज हो तो उस व्यक्ति का जीवन एक प्रकार से महत्त्वहीन होता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर

अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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