हस्तरेखा: कड़ी मेहनत के बाद भी नहीं मिल रही सरकारी नौकरी? हाथ में दिखता है रुकावट का ये निशान, जानें उपाय

Apr 22, 2026 06:28 pm ISTGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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अगर आप सरकारी नौकरी के लिए लंबे समय से कोशिश में लगे हुए हैं लेकिन सफलता नहीं मिल रही है तो इसका संकेत हाथ की रेखाओं में जरूर होगा। आइए जानते हैं कैसे? साथ ही जानें एक आसान सा उपाय जो आपकी मेहनत में चार चांद लगा सकता है। 

हस्तरेखा: कड़ी मेहनत के बाद भी नहीं मिल रही सरकारी नौकरी? हाथ में दिखता है रुकावट का ये निशान, जानें उपाय

सरकारी नौकरी पाना लोगों के लिए सपने जैसा है। कई लोग दिन रात मेहनत करते हैं और कोचिंग लेते है लेकिन फिर भी सरकारी नौकरी नहीं लग पाती है। ऐसे में मन में ये चीजें बार-बार आती हैं कि आखिर सही स्ट्रेटजी से पढ़ाई करने के बाद भी कमी कहां रह गई? कड़ी मेहनत के बाद सफलता ना मिलने से हर किसी को निराशा होती है। हस्तरेखा शास्त्र मानें तो कभी-कभी इसके पीछे हमारी मेहनत नहीं बल्कि हाथ की कुछ लकीरें भी इन चीजों में आ रही रुकावट का इशारा देती हैं। दरअसल कई बार हम मेहनत सही करते हैं लेकिन इतनी बाधाएं आती है कि हर चीज पर पानी ही फिर जाता है। ऐसे में हाथ की लकीरों के कुछ संकेत अगर समय रहते पता चल जाए तो कुछ उपायों के जरिए आगे बढ़ा जा सकता है।

रुकावट का संकेत देती हैं ये लकीरें

हस्तरेखा के अनुसार भाग्य रेखा की स्थिति को देखकर करियर से जुड़े कई राज जाने जा सकते हैं। इसे फेट लाइन भी कहते हैं। हाथ में ये रेखा हमारी कलाई से शुरु होती है। जहां से ये रेखा शुरु होती है, उसे मणिबंध कहा जाता है। यहां से निकलकर ये रेखा शनि पर्वत की ओर जाती है जोकि मध्यमा उंगली के ठीक नीचे होता है। अगर ये रेखा टूटी या फिर हल्की होती है तो इससे करियर में देरी आती है और रुकावट जैसे संकेत मिलते हैं। हालांकि टूटी हुई या फिर हल्की भाग्य रेखा का मतलब ये नहीं होता है कि सफलता नहीं मिलेगी। सब कुछ मिलेगा लेकिन उसमें देरी होगी।

सूर्य रेखा भी देती है संकेत

हस्तरेखा शास्त्र में सूर्य रेखा को भी काफी महत्व दिया जाता है। अगर ये रेखा साफ ना हो तो पहचान और सफलता देर से मिलती है। जब बात आती है सरकारी नौकरी जैसी चीजों की तो ये बातें और भी अहम हो जाती हैं। वहीं अगर हाथ में कटी हुई रेखाएं बहुत सारी हैं तो इससे यही संकेत मिलता है कि ऐसे व्यक्ति का मन उलझा रहता है और उसका ध्यान बार-बार भटकता है। शास्त्र के हिसाब से जीवन रेखा और भाग्य रेखा के बीच में भी सही बैलेंस ना हो तो करियर में उतार-चढ़ाव देखे जा सकते हैं।

कर लें आसान से उपाय

अगर हाथ की रेखाएं वैसी नहीं हैं जैसी होनी चाहिए तो घबराने की जरूरत नहीं है। ज्योतिष शास्त्र के कुछ उपाय से आपको मदद मिल सकती है। अगर रोज सुबह आप सूर्य को अर्घ्य देना शुरु कर देंगे तो ये आपके लिए सही होगा। ऐसा करते हुए ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जाप जरूर करें। साथ ही कोशिश करें कि आसपास पॉजिटिव सोच वाले लोग हो। नेगेटिव चीजों को बार-बार ना सोचें।

ध्यान में रखें ये बात

हाथ की रेखाएं हमारी जिंदगी की खुली किताब जैसी हैं लेकिन ये मंजिल नहीं होती हैं। हाथ की लकीरे सिर्फ एक जरिया है हमें सही रास्ता दिखाने के लिए लेकिन अंत में हमारी मेहनत ही काम आती है ऐसे सही मेहनत और सही दिशा मिल तो सफलता जरूर मिलती है। अगर हाथ की लकीरें आपका साथ नहीं दे रही हैं तो सूर्य के इस उपाय से आपके मन में दोबारा कॉन्फिडेंस आएगा और आप अपनी एनर्जी की सही दिशा में लगा पाएंगे। इसके अलावा इस उपाय से आपके मन से नेगेटिविटी दूर होने लगेगी।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
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