Padmimi Ekadashi 2026: पद्मिमी एकादशी की शाम कर लें ये 3 काम, सुख-समृद्धि में होगी वृद्धि

Dheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

Padmimi Ekadashi 2026: धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार पद्मिनी एकादशी व्रत आता है। इस बार यह संयोग ज्येष्ठ महीने में बना है। कहा जाता है कि इस व्रत से भक्त को यज्ञ के समान पुण्य मिलता है। साथ ही यह व्रत सुख-शांति और सफलता देने वाला माना गया है।

Padmimi Ekadashi 2026: पद्मिमी एकादशी की शाम कर लें ये 3 काम, सुख-समृद्धि में होगी वृद्धि

हिंदू धर्म में एकादशी का खास महत्व होता है। यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होता है। आज यानी 27 मई 2026 को पद्मिनी एकादशी का व्रत रखा गया है। इस दिन पूजा-व्रत के साथ ही राशि अनुसार कुछ उपाय करना भी पुण्यकारी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार पद्मिनी एकादशी व्रत आता है। इस बार यह संयोग ज्येष्ठ महीने में बना है। कहा जाता है कि इस व्रत से भक्त को यज्ञ के समान पुण्य मिलता है। साथ ही यह व्रत सुख-शांति और सफलता देने वाला माना गया है। भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए लोग इस तिथि को तरह-तरह के उपाय करते हैं। मान्यता है कि इस दिन कुछ उपाय शाम को करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

पद्मिनी एकादशी का व्रत कैसे करें

पद्मिनी एकादशी के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। फिर भगवान विष्णु के समक्ष व्रत और पूजा का संकल्प लें। पूजा के दौरान धूप और दीप जलाकर भगवान का ध्यान करें। सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें। उन्हें जल, दूध और पंचामृत से स्नान कराएं। इसके बाद भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। विष्णु-लक्ष्मी की प्रतिमाओं को जल, दूध और पंचामृत से स्नान कराएं।

भोग लगाएं

भगवान को फूल-माला, सुंदर वस्त्र और तुलसी दल अर्पित करें। धूप-दीप जलाकर मिठाई और मौसमी फलों का भोग लगाएं। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप करें। व्रत करने वाले भक्त दिनभर निराहार रह सकते हैं। यदि संभव न हो तो फलाहार, दूध या फलों का रस ग्रहण करें। शाम के समय पुनः भगवान विष्णु की पूजा और आरती करें। अगले दिन यानी 28 मई की सुबह भगवान विष्णु की पूजा के बाद जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं। इसके बाद स्वयं भोजन ग्रहण कर व्रत का पारण करें।

क्या करें दान

एकादशी पर दान-पुण्य का विशेष महत्व माना गया है। गर्मी के मौसम में जल, छाता और जूते-चप्पल का दान शुभ माना जाता है। इसके अलावा अनाज, धन और वस्त्रों का दान भी किया जा सकता है। गौशाला में दान देना और गायों को हरी घास खिलाना भी पुण्यदायी माना गया है।

शाम में करें ये उपाय

- पद्मिनी एकादशी की शाम भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। इस दौरान 11 दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सुख-समृद्धि के साथ धन लाभ के योग भी बनते हैं।

- यह एकादशी लगभग तीन साल में एक बार आती है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन भगवान विष्णु का पंचामृत से अभिषेक करना और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। मान्यता है कि इससे जीवन की परेशानियां दूर होती हैं और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

- एकादशी की शाम तुलसी के पौधे के पास मिट्टी का दीपक जलाना भी बहुत शुभ माना जाता है। साथ ही श्रद्धा से तुलसी माता की सात परिक्रमा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और नकारात्मकता दूर होती है। इसके अलावा पीपल के पेड़ के नीचे गाय के घी का दीपक जलाना बेहद शुभ होता है। साथ ही जल अर्पित करने से आर्थिक तंगी दूर होती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Dheeraj Pal

लेखक के बारे में

Dheeraj Pal

संक्षिप्त विवरण: धीरज पाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में 7 साल का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए इन्हें 4 साल हो गए हैं। धीरज एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। अपने करियर के दौरान धीरज ने राजनीति समाचार, एजुकेशन बीट के लिए ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
धीरज ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीए इन मीडिया स्टडीज और राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज से जनसंचार एवं पत्रकारिता से परास्नातक की पढ़ाई की। धीरज पाल ने अपने पत्रकारिता कर की शुरुआत एपीएन न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने लोकमत न्यूज हिंदी और एनडीटीवी जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। हिंदुस्तान लाइव में यूपी बोर्ड से लेकर उन्होंने लोकसभा चुनाव कवर करने साथ-साथ खेल जैसे बीट पर काम किया। अब इनका एकमात्र उद्देश्य करियर और एजुकेशन से जुड़ी रुचिगत, सरल, प्रमाणिक और पाठक-हितैषी रूप में प्रस्तुत करना है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता और ज्योतिषीय अध्ययन के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

व्यक्तिगत रुचियां
उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के निवासी धीरज पाल को पत्रकारिता के साथ-साथ घूमने, किताबें पढ़ने और क्रिकेट खेलने का शौक है।

और पढ़ें
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!