न्यूमेरेलॉजी: मूलांक 8 वालों को बार-बार खटकती है ये 2 बातें, देर से ही सही लेकिन शनि ऐसे पलटते हैं चाल
न्यूमेरेलॉजी के हिसाब से मूलांक 8 वाले काफी मेहनती होते हैं। हालांकि इन्हें 2 चीजें बार-बार खटकती हैं। ऐसे में शनि देर से ही सही लेकिन पूरी चाल ही बदल देता है।

न्यूमेरेलॉजी में हर एक मूलांक खास होता है। मूलांक किसी भी व्यक्ति के जन्म की तारीख का योग होता है। मान लीजिए अगर किसी का जन्म 17 तारीख को हुआ है तो उसका मूलांक 8 होगा। वहीं अगर किसी व्यक्ति का जन्म 18 को हुआ है तो उसका मूलांक 9 होगा। आज बात करेंगे मूलांक 8 वालों की। इनका स्वामी ग्रह शनि होता है। शनि ग्रह को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है। शनि की एनर्जी के चलते ही मूलांक 8 वाले व्यक्ति काफी मेहनती होते हैं और अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी समझते भी हैं। हालांकि जिंदगी में बार-बार कुछ चीजें ऐसी होती हैं जोकि मूलांक 8 वालों को खूब खटकती हैं। ये लोग ओवरथिंक बहुत करते हैं और ऐसे में ये हर चीज को बड़ी ही गहराई से महसूस भी करते हैं। ऐसे में हर एक छोटी से छोटी बात भी इन्हें अंदर तक महसूत होती है।
मूलांक 8 वालों को बार-बार खटकती है ये बात
मेहनत का फल ना मिलना
न्यूमेरेलॉजी के हिसाब से मूलांक 8 वाले कभी भी मेहनत से नहीं घबराते हैं और हर काम ये दिल लगाकर ही करते हैं। हालांकि ये लोग जिनती मेहनत करते हैं, रिजल्ट उतनी जल्दी मिलता नहीं है। ये बात इनके मन में काफी खटकती है। कई बार मूलांक 8 वालों को ये एहसास भी होने लग जाता है कि लोग इनकी मेहनत को नोटिस नहीं करते हैं। बता दें कि सारा खेल शनि का है। शनि की वजह से ही मूलांक 8 वालों को सफलता देर से मिलती है। खास बात ये है कि जब शनि मेहनत का फल देता है तो ये लंबे समय तक टिकता है।
लोगों का गलत समझना
मूलांक 8 वालों का स्वभाव ऐसा होता है कि इन्हें शांत रहना अच्छा लगता है। न्यूमेरेलॉजी के अनुसार कई बार ये लोग कम बोलना पसंद करते हैं। ऐसे में लोग इन्हें थोड़ा घमंडी भी समझ लेते हैं जबकि ऐसा कुछ भी नहीं होता है। असल बात ये होती है कि ये दिल के बेहद ही साफ होते हैं और हर चीज को गंभीरता से लेते हैं। अगर कोई व्यक्ति इन्हें इस वजह से गलत समझ बैठता है तो इनके मन में ये चीज बार-बार खटकती है।
शनि ऐसे बदलते हैं चाल
न्यूमेरेलॉजी और ज्योतिष शास्त्र में माना गया है कि शनि हमेशा देर से मेहनत का फल देते हैं। जैसे ही शनि अपना आशीर्वाद देना शुरू करते हैं तो मूलांक 8 वालों के लिए स्थिति बदलने लगती है। शनि की कृपा बरसते ही मूलांक 8 वालों की जिंदगी में स्थिरता आने लगती है और धीरे-धीरे इन्हें मेहनत का फल मिलता है और लोग इनके काम की सराहना भी करते हैं। ऐसे में इनके कॉन्फिडेंस को भी बढ़ावा मिलता है। मूलांक 8 वालों के लिए यही सलाह दी जाती है कि ये दूसरों की बातों को महत्व ना देकर सिर्फ अपने लक्ष्य की ओर फोकस बनाकर रखेंगे तो इनका मन नहीं भटकेगा।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए न्यूमेरेलॉजी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र


