बात-बात पर गुस्सा, लेकिन दिल के बेहद साफ होते हैं इन तारीखों में जन्मे लोग

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जानिए अंक ज्योतिष के अनुसार महीने की 9, 18 या 27 तारीख को जन्मे लोगों का स्वभाव, गुस्सा और दिल की सच्चाई। मंगल ग्रह से प्रभावित मूलांक 9 वालों की किस मूलांक के साथ बनती है सबसे बेहतरीन जोड़ी?

Mulank 9 Personality
मूलांक 9 स्वभाव और विशेषताएं

अंक ज्योतिष में जन्म तिथि से मूलांक निकाला जाता है। किसी भी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को जन्म लेने वालों का मूलांक 9 माना जाता है। इस अंक के स्वामी मंगल कहे जाते हैं। ज्योतिष में मंगल को ग्रहों का सेनापति माना गया है, इसलिए इन लोगों के स्वभाव में तेज ऊर्जा साफ दिखती है। ये आगे बढ़ने वाले होते हैं और मुश्किल काम में भी हिम्मत से लग जाते हैं। मंगल का प्रभाव इन्हें साहसी बनाता है, लेकिन वही प्रभाव स्वभाव को तीखा भी कर देता है।

छोटी बात पर गुस्सा, भीतर से सीधा स्वभाव

मूलांक 9 वाले छोटी-सी बात पर भी भड़क सकते हैं। इनकी आवाज तेज हो जाती है, जो सामने वाले को कठोर लग सकता है। कई बार इसी उग्रपन से रिश्तों में कड़वाहट भी आ जाती है। परिवार या दोस्त इन्हें समझ नहीं पाते हैं, तो दूरी बढ़ जाती है। इसके बावजूद इनका दिल साफ माना जाता है। ये जानबूझकर छल नहीं करते और बात को घुमाते नहीं है। गुस्सा उतरने के बाद मन खाली हो जाता है। मूलांक 9 के जातक किसी के प्रति लंबे समय तक नफरत नहीं पालते है। जो कहना होता है, साफ कह देते हैं। इसी ईमानदारी के कारण लोग बाद में इन पर भरोसा भी करते हैं।

मूलांक 1 वालों से बनती है मजबूत जोड़ी

जिनका जन्म 1, 10, 19 या 28 को होता है, उनका मूलांक 1 होता है। इसके स्वामी सूर्य देव माने जाते हैं। सूर्य और मंगल मित्र ग्रह कहे जाते हैं, इसलिए दोनों अंकों में तालमेल अच्छा होता है। मूलांक 1 वाले नेतृत्व क्षमता रखते हैं और दिशा दिखाने में अच्छे होते हैं। मूलांक 9 की तेज ऊर्जा को ये संभाल सकते हैं। एक आगे चलता है, तो दूसरा शक्ति देता है। कामकाज हो या घर का फैसला, दोनों मिलकर आगे बढ़ते दिखते हैं। अंक ज्योतिष में इसे सहयोगी जोड़ी कहा जाता है।

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मूलांक 3 संभालता है तेज स्वभाव

3, 12, 21 या 30 तारीख वालों का मूलांक 3 होता है। इसके स्वामी गुरु यानी बृहस्पति माने जाते हैं। गुरु ज्ञान और संतुलन से जुड़े हैं। मंगल का गुस्सा कभी-कभी सीमा पार कर जाता है, तब गुरु का प्रभाव उसे थामने वाला माना जाता है। मूलांक 3 वाले बात समझाकर शांत करते हैं। ये सलाह देते हैं और माहौल हल्का रखते हैं। मूलांक 9 वाले जब बिगड़ते हैं, तब मूलांक 3 के लोग बीच-बचाव कर इन्हें शांत कर सकते हैं। दोनों के बीच गुरु-शिष्य जैसा भाव भी देखा जाता है। एक तेज रहता है, दूसरा समझदारी लाता है। इसी वजह से यह जोड़ी खास बताई जाती है।

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मूलांक 6 लाता है कोमलता और आकर्षण

6, 15 या 24 को जन्म लेने वालों का मूलांक 6 होता है। इसके स्वामी शुक्र हैं। शुक्र प्रेम, सौंदर्य और नरमी से जुड़ा ग्रह माना जाता है। मंगल की गर्मी को शुक्र की कोमलता कम कर देती है, ऐसा अंक शास्त्र कहता है। मूलांक 6 वाले रिश्ते में मिठास रखते हैं और माहौल सुंदर बनाना चाहते हैं। मूलांक 9 वाले जब कठोर दिखते हैं, तब ये प्यार से पास लाते हैं। दोनों में आकर्षण सहज बनता है। गुस्सा आने पर भी सामने वाला टूटता नहीं, संभालता है। यही कारण है कि 9 और 6 की जोड़ी सुखद मानी जाती है।

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अंक ज्योतिष के अनुसार, मूलांक 9 वाले जल्दी बिगड़ते हैं, लेकिन दिल के बेहद साफ होते हैं। सूर्य, गुरु और शुक्र वाले मूलांक इनके स्वभाव को संभाल सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

लेखक के बारे में

Navaneet Rathaur

संक्षिप्त विवरण

नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


विस्तृत बायो परिचय और अनुभव

डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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