अंक ज्योतिष: इन तारीख को जन्मे लोगों पर मेहरबान रहते हैं शनि देव, देर से लेकिन जरूर हासिल करते हैं जीवन में बड़ी सफलता

Mar 16, 2026 04:33 pm ISTNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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मूलांक 8 वाले लोगों पर शनि देव की विशेष कृपा रहती है। 8, 17, 26 तारीख को जन्मे लोग 30 वर्ष बाद अचानक बड़ी सफलता पाते हैं। जानिए मूलांक 8 की खासियतें, संघर्ष, सफलता के राज और शनि उपाय।

अंक ज्योतिष: इन तारीख को जन्मे लोगों पर मेहरबान रहते हैं शनि देव, देर से लेकिन जरूर हासिल करते हैं जीवन में बड़ी सफलता

अंक ज्योतिष में मूलांक 8 को सबसे कठिन और गहन अंकों में गिना जाता है। यह अंक शनि देव का प्रतिनिधित्व करता है, जो कर्म, न्याय, अनुशासन, मेहनत और विलंब के देवता हैं। जिन लोगों का जन्म 8, 17 या 26 तारीख को होता है, वे मूलांक 8 के होते हैं। इन पर शनि देव की विशेष कृपा रहती है, लेकिन यह कृपा तुरंत प्रकट नहीं होती है। जीवन की शुरुआत में संघर्ष, परीक्षा और विलंब का इनको सामना करना होता है। 30 वर्ष की उम्र के बाद शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव कम होने पर ये लोग अचानक ऊंचाइयों को छू लेते हैं। आइए जानते हैं मूलांक 8 की विशेषताएं, शनि कृपा के संकेत और सफलता के राज।

मूलांक 8 की मुख्य विशेषताएं और स्वभाव

मूलांक 8 वाले लोग स्वभाव से गंभीर, अनुशासित और जिम्मेदार होते हैं। शनि देव के प्रभाव से इनमें धैर्य, लगन और लंबे समय तक मेहनत करने की अद्भुत क्षमता होती है। ये लोग छोटी-छोटी बातों में भी गहराई से सोचते हैं और जीवन की हर चुनौती को गंभीरता से लेते हैं। इनका स्वभाव थोड़ा अंतर्मुखी और विचारशील होता है। जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेते और हर काम में पूरी ईमानदारी बरतते हैं। शनि की कृपा से इनका जीवन धीमा, लेकिन बहुत मजबूत बनता है। ये लोग कभी हार नहीं मानते और विपरीत परिस्थितियों में भी डटे रहते हैं। इनकी मेहनत और अनुशासन इन्हें जीवन में स्थायी सफलता दिलाता है।

शनि देव की कृपा इनके जीवन में कैसे प्रकट होती है?

शनि देव की कृपा मूलांक 8 वालों के जीवन में धीरे-धीरे लेकिन स्थायी रूप से दिखती है। शुरुआत में संघर्ष और परीक्षाएं ज्यादा होती हैं, लेकिन ये संघर्ष ही इनकी सबसे बड़ी पूंजी बन जाते हैं। शनि देव इन लोगों को न्यायप्रिय, ईमानदार और जिम्मेदार बनाते हैं। इनके दुश्मन समय के साथ पीछे हट जाते हैं। 30 वर्ष के बाद अचानक बदलाव आता है और इस मूलांक के जातक नौकरी में उच्च पद, व्यापार में स्थिरता या समाज में सम्मान पाते हैं। शनि देव इनकी रक्षा करते हैं और मेहनत का पूरा फल देते हैं। इनकी सफलता कभी अचानक नहीं, बल्कि लंबी मेहनत और धैर्य का परिणाम होती है।

30 वर्ष की उम्र के बाद सफलता के प्रमुख कारण

मूलांक 8 वालों की सफलता 30 वर्ष के बाद ही आती है क्योंकि शनि की परिपक्वता इसी उम्र के बाद दिखती है। शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव पहले जीवन में संघर्ष लाता है, लेकिन 30 के बाद यह प्रभाव कम होता है और शनि की कृपा पूरी तरह प्रकट होती है। ये लोग मेहनत के बल पर नौकरी में उच्च पद, व्यापार में मजबूत नींव या समाज में अलग पहचान बनाते हैं। शनि देव की कृपा से न्याय और मेहनत का पूरा सम्मान मिलता है। इनकी सफलता स्थायी और मजबूत होती है, क्योंकि यह धैर्य और अनुशासन पर आधारित होती है।

मूलांक 8 वाले लोगों की सफलता के राज

मूलांक 8 के लोग सफलता पाने में इसलिए माहिर होते हैं, क्योंकि इनमें शनि देव के ये खास गुण होते हैं:

  • धैर्य और अनुशासन का अद्भुत संयोजन
  • लंबे समय तक मेहनत करने की क्षमता
  • न्याय और ईमानदारी का सख्त पालन
  • विपरीत परिस्थितियों में भी डटे रहना
  • गहन सोच और व्यावहारिक निर्णय लेने की कला

इन गुणों के कारण ये लोग जीवन में धीरे-धीरे लेकिन मजबूती से आगे बढ़ते हैं। इनकी सफलता कभी अस्थायी नहीं होती। शनि देव की कृपा से इनकी मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती है।

मूलांक 8 के जातकों के लिए विशेष उपाय

शनि देव की कृपा बनाए रखने और सफलता में तेजी लाने के लिए मूलांक 8 वालों को ये उपाय अपनाने चाहिए:

  1. शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  2. शनि मंदिर में सरसों का तेल का दीपक जलाएं और काले तिल, काले कपड़े या लोहे का दान करें।
  3. घर में बिजली का कोई खराब उपकरण न रखें।
  4. रोज सुबह 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।
  5. शनिवार को काले घोड़े की नाल या काले तिल का दान करें।

इन उपायों से शनि देव प्रसन्न होते हैं और सफलता में कोई बाधा नहीं रहती।

मूलांक 8 वाले लोग शनि देव की कृपा से देर से लेकिन जरूर बड़ी सफलता हासिल करते हैं। धैर्य, मेहनत और शनि उपाय ही इनकी सफलता का राज हैं। यदि आप मूलांक 8 के हैं, तो शनि देव को प्रसन्न रखें - सफलता आपके कदम चूमेगी।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Navaneet Rathaur

लेखक के बारे में

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संक्षिप्त विवरण

नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


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डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


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नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


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