Numerology: इन तारीखों पर जन्मे लोगों पर बरसती है शुक्र की कृपा, नहीं होती पैसों की कमी, होती हैं ये 7 खूबियां
न्यूमेरेलॉजी के अनुसार हर एक मूलांक का अपना-अपना ग्रह स्वामी होता है। इस ग्रह का असर उस खास मूलांक पर सबसे ज्यादा दिखता है। चलिए जानते हैं कि आखिर वो कौन लोग हैं, जिन पर शुक्र की कृपा सबसे ज्यादा बरसती है?

Numerology Number 6: ज्योतिष शास्त्र में जहां कुंडली के ग्रह-नक्षत्रों को देखकर लोगों का भविष्य जाना जाता है। वहीं न्यूमेरेलॉजी यानी अंकशास्त्र में सिर्फ लोगों की बर्थडेट से सेम चीजें पता लग जाती हैं। अंकशास्त्र में लोगों के मूलांक से हर चीज का पता लगता है। मूलांक बर्थडेट के योग को कहा जाता है। इस शास्त्र में 1 से लेकर 9 नंबर तक के मूलांक होते हैं। अगर कोई भी इंसान अपने बर्थडेट का योग करेगा तो उसका नंबर 1 से 9 के बीच ही आएगा।
हर मूलांक का होता है ग्रह स्वामी
वहीं हर एक मूलांक का अपना-अपना ग्रह स्वामी होता है। इन ग्रहों का असर इनकी लाइफ में सबसे ज्यादा दिखता है। आज बात करेंगे उन लोगों की जिन पर शुक्र ग्रह का प्रभाव सबसे ज्यादा दिखता है।
इन लोगों पर शुक्र होते हैं मेहरबान
अंकशास्त्र के हिसाब से मूलांक 6 वालों पर शुक्र काफी मेहरबान होते हैं। दरअसल इस मूलांक का ग्रह स्वामी शुक्र होता है। ऐसे में शुक्र की कृपा इस मूलांक के लोगों पर खूब होती है। बता दें कि इस मूलांक की कैटेगरी में वो लोग आते हैं जिनका जन्म किसी भी महीने की 6, 15 या फिर 24 तारीख को होता है। जिन लोगों पर शुक्र की कृपा होती है इनकी जिंदगी में ऐशो आराम की कोई भी कमी नहीं होती है।
मूलांक 6 वालों में होती है ये खूबियां
1. मूलांक 6 वाले इंसान की पर्सनैलिटी काफी अच्छी होती है। लोग इनकी ओर काफी अट्रैक्ट होते हैं। ये हमेशा खुद को फिट रखते हैं।
2. मूलांक 6 वाले लोग काफी केयरिंग होते हैं। इन्हें रिश्ते को संभालकर रखना आता है। ये अपनी ओर से खूब एफर्ट्स भी करते हैं।
3. इस मूलांक का व्यक्ति सौम्य स्वभाव का होता है। ऐसे में ये लोग हर उस इंसान की मदद करते हैं, जो इनसे मदद मांगता है।
4. इनकी पर्सनैलिटी काफी बैलेंस्ड होती है। मुश्किल से मुश्किल स्थिति में भी ये लोग खुद को संभालकर रख लेते हैं।
5. शुक्र के चलते इनकी आर्थिक स्थिति अच्छी होती है। इन्हें मनी मैनेजमेंट अच्छे से पता होता है। ऐसे में इनके पास पैसों की कोई भी कमी नहीं रहती है।
6. मूलांक 6 वाले लोग भरोसे लायक होते हैं। इन पर आंख मूंदकर भी भरोसा किया जा सकता है। इन पर लोग आसानी से भरोसा भी कर लेते हैं।
7. मूलांक 6 वाले लोग काफी क्रिएटिव होते हैं। इस वजह से इन्हें हर एक चीज को सहेज कर और संवारकर रखना पसंद है। ना सिर्फ चीजों में बल्कि रिश्तों में भी ये इस रूल को फॉलो करते हैं।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए न्यूमेरेलॉजी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
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