न्यूमेरेलॉजी: लॉयल होने के बाद भी मूलांक 5 वाले प्यार में होते हैं अनलकी? ये लोग होते हैं इनके बेस्ट मैच
न्यूमेरेलॉजी की दुनिया में मूलांक 5 वालों को प्यार में सबसे ज्यादा अनलकी माना जाता है। ऐसा मूलांक 5 वालों की एक कमी के चलते के होता है। ऐसे में जानते हैं कि आखिर इनका सबसे अच्छा मैच कौन होता है?

ज्योतिष शास्त्र में कुंडली लोगों की जिंदगी की खुली किताब है। इसे देखकर किसी भी व्यक्ति के बारे में ए टू जेड चीजें समझी दा सकती हैं। ठीक वैसे ही न्यूमेलॉजी और अंकशास्त्र में भी होता है। हालांकि यहां पर कुंडली नहीं बस जन्म की तारीख की जरूरत होती है। जब जन्म की तारीख को जोड़ा जाता है तो उसे मूलांक कहते हैं। अगर किसी व्यक्ति का जन्म किसी भी महीने की 5, 14 या फिर 23 तारीख को हुआ है तो उसका मूलांक 5 होगा। ठीक इसी तरह न्यूमेरेलॉजी में कुल 9 मूलांक हैं जिसके अंदर सारी तारीखें आ जाती हैं। आज बात मूलांक 5 वालों की ही करेंगे। दरअसल ऐसा माना जाता है कि प्यार के मामले में इन्हें अनलकी कहा जाता है। तो आइए समझते हैं कि आखिर दिक्कत कहां आती हैं? साथ ही जानेंगे कि इनके लिए बेस्ट मैच कौन से होते हैं?
ऐसे होते हैं मूलांक 5 वाले लोग
न्यूमेरेलॉजी के अनुसार मूलांक 5 वालों को काफी समझदार माना जाता है। ये मिलनसार होते हैं। इन्हें नए-नए लोगों से मिलना-जुलना काफी पसंद आता है। इनका स्वामी ग्रह बुध होता है तो ऐसे में इनकी कम्यूनिकेशन स्किल्स कमाल की होती हैं। अच्छी कम्यूनिकेशन स्किल के दम पर ये लोगों का दिल बड़ी ही आसानी से जीत लेते हैं। इनकी जिंदगी में दोस्तों की कमी नहीं होती है लेकिन प्यार के मामले में ये थोड़ा पीछे हो जाते हैं। ये लोग काफी लॉयल होते हैं और किसी भी रिश्ते में अपना 100 प्रतिशत देते हैं। हालांकि प्यार के मामले में इनकी जिंदगी में स्टेबिलिटी देर से आती है।
मूलांक 5 वालों की ये कमी बनती है वजह
अब प्यार के मामले में मूलांक 5 वाले अनलकी क्यों होते हैं? इसके बारे में समझते हैं। दरअसल इस मूलांक के लोग रिश्ते में स्पेस और भरोसा दोनों चाहते हैं। अगर कोई इन्हें बार-बार टोकता है तो इन्हें ये सब पसंद नहीं आता है। ऐसे में कई बार इनकी दूसरों के साथ लड़ाइयां या बहसबाजी हो जाती है। मूलांक 5 वालों की कमी है कि वो अपनी चीजों को खुलकर एक्सप्रेस नहीं कर पाते हैं और इस वजह से कई बार सामने वाला समझ नहीं पाता है कि इनके दिमाग में क्या चल रहा है। रिश्ता ना चल पाने के पीछे की एक वजह ये भी है।
मूलांक 5 वालों का बेस्ट मैच
मूलांक 1
न्यूमेरेलॉजी के हिसाब से मूलांक 1 वालो के साथ 5 नंबर वालों की खूब बनती है। ये लोग मूलांक 5 वालों की जिंदगी में आकर इन्हें काफी मोटिवेट करते हैं। मूलांक 1 से 5 नंबर वाले लोग कई चीजें सीखते हैं। ऐसे में इनका रिश्ता मजबूत बनता है। मूलांक 1 वालों को ग्रह स्वामी सूर्य और 5 वालों को बुध होता है। इसी वजह से इनके बीच का बॉन्ड गहरा होता है। दोनों मिलकर साथ में खूब ग्रो करते हैं।
मूलांक 3
मूलांक 1 वालों की तरह ही मूलांक 3 वालों से भी 5 नंबर वालों की बॉन्डिंग अच्छी होती है। दोनों रिश्ते में अच्छा बैलेंस बना पाते हैं। न्यूमेरेलॉजी की दुनिया में इन दोनों मूलांक का मैच अच्छा माना जाता है। इनका कॉम्बिनेशन स्टेबल माना जाता हैं क्योंकि दोनों एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझ पाते हैं। ऐसे में मूलांक 5 वाले अगर इन लोगों को नजरअंदाज ना करें तो जिंदगी में अच्छा पार्टनर चुनकर अच्छा बैलेंस बनाया जा सकता है।
मूलांक 7
मूलांक 7 वालों के साथ भी नंबर 5 वालों का मैच अच्छा बनता है। मूलांक 7 वालों का स्वामी ग्रह केतु है और नंबर 5 वालों के साथ इनका रिश्ता इसलिए भी अच्छा चलता है क्योंकि ये एक-दूसरे को अच्छे से समझ पाते हैं। हालांकि कुछ चुनौतियां का सामना करना पड़ता है लेकिन समझदारी से काम लेकर रिश्ता अच्छे से चलाया जा सकता है।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए न्यूमेरेलॉजी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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