न्यूमेरेलॉजी: मूलांक 2 वालों को इन तीन लोगों नहीं करनी चाहिए दोस्ती, होते हैं लड़ाई-झगड़ेऔर बड़ा नुकसान
न्यूमेरेलॉजी के आधार पर समझा जा सकता है कि हमारी किसके साथ बनेगी और किसके साथ हमें बहुत स्ट्रगल करना पड़ेगा? आज जानेंगे कि मूलांक 2 वालों की किन मूलांक के व्यक्तियों से बहुत ही कम बनती है?

Mulank 2: न्यूमेरेलॉजी की दुनिया में कुछ मूलांक बेहद ही खास होते हैं तो कुछ की अपनी अलग क्वालिटी होती है। वहीं हर किसी मूलांक का अलग-अलग ग्रह देवता या स्वामी होता है। ग्रह स्वामी का मूलांक पर गहरा असर पड़ता है। अगर आप अपनी जन्म तिथि (महीना और साल नहीं) को जोड़ते हैं तो जो अंक आता है उसे ही न्यूमेरेलॉजी की दुनिया में मूलांक कहा जाता है। मूलांक के आधार पर ही किसी भी व्यक्ति के स्वभाव और भाग्य का पता चलता है। आज बात करेंगे उन मूलांकों की जिनकी कभी भी मूलांक 2 वालों के साथ नहीं बनती है।
कौन हैं मूलांक 2 वाले व्यक्ति?
न्यूमेरेलॉजी के अनुसार मूलांक 2 उन लोगों का होता है जिनका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20 या फिर 29 तारीख को होता है। अगर आप इन तारीखों का योग निकालेंगे तो 2 ही आएगा। ऐसे में ऐसे लोग मूलांक 2 की कैटेगरी में आते हैं। मूलांक 2 वाले व्यक्तियों का स्वामी ग्रह चंद्रमा होता है। चंद्रमा की एनर्जी की वजह से ही मूलांक 2 वालों का मन चंचल होता है और ये लोग काफी इमोशनल होते हैं। मूलांक के मिजाज के हिसाब से कई बार ये गलत लोगों पर भी जल्दी भरोसा कर लेते हैं। तो आज जानेंगे कि आखिर मूलांक 2 वालों को किनसे दूर रहना चाहिए?
मूलांक 5
मूलांक 2 वालों को मूलांक 5 वालों से दूर रहना चाहिए। न्यूमेरेलॉजी की गणना के आधार पर जिनका जन्म किसी भी महीने की 5, 14 या फिर 23 तारीख को होता है, उनका मूलांक 5 होता है। इन लोगों का स्वामी ग्रह बुध होता है। मूलांक 2 वालों को इन लोगों से थोड़ा दूर ही रहना चाहिए। जिंदगी के प्रति उनकी सोच काफी अलग है। मूलांक 2 वाला इंसान स्थिरता चाहता है लेकिन मूलांक 5 वाले व्यक्ति के विचार बार-बार बदलते रहते हैं। ऐसे में दोनों की निभना मुश्किल है। मूलांक 2 वालों को मूलांक 5 वालों से कोई साझेदारी करने से भी बचना ही चाहिए।
मूलांक 8
न्यूमेरेलॉजी के आधार पर मूलांक 8 वालों से भी मूलांक 2 वालों को दूर रहना चाहिए। दरअसल मूलांक 8 वालों का स्वामी ग्रह शनि होता है। चंद्रमा और शनि की युति को सही नहीं माना जाता है। ऐसे में 2 और 8 वालों के बीच तनातनी की स्थिति बनी ही रहती है और इसका असर इनके रिश्ते पर भी दिखता है। ऐसे में सही ही होगा कि ये लोग दूर ही रहें ताकि दोनों पीसफुली अपनी जिंदगी बिता सके। अगर इन 2 मूलांक के लोगों में दोस्ती है तो थोड़ा डिस्टेंस बनाकर रहने से भी चीजें सही होंगी।
मूलांक 9
मूलांक 2 वालों को मूलांक 9 वालों से भी दूर ही रहना चाहिए। मूलांक का 9 और 2 के व्यक्तियों में कई बार चीजें सही से नहीं चल पाती हैं। हालांकि मैच्योरिटी के साथ चीजों को हैंडल करके स्थिति को ठीक किया जा सकता है। अगर शादी की बात आती है तो मूलांक 2 वालों को 9 से दूर ही रहना चाहिए। कई बार ग्रहों का प्रभाव ज्यादा होने की वजह से चीजें आउट ऑफ कंट्रोल हो सकती हैं।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए न्यूमेरेलॉजी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
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