न्यूमेरेलॉजी: मूलांक 1 वालों की ये गलती पड़ती है भारी, रविवार को करें सूर्य का उपाय, पर्स में रखें ये चीज

Garima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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मूलांक 1 वालों का संबंध सूर्य से होता है। इस वजह से इनमें कई खूबियां होती हैं। हालांकि अपनी एक गलती से ये चीजों को खराब कर लेते हैं। ऐसे में रविवार के दिन एक छोटा सा उपाय करके ये चीजों में बैलेंस ला सकते हैं।

न्यूमेरेलॉजी: मूलांक 1 वालों की ये गलती पड़ती है भारी, रविवार को करें सूर्य का उपाय, पर्स में रखें ये चीज

न्यूमेरेलॉजी यानी अंक ज्योतिष में जन्म की तिथि को काफी महत्व दिया जाता है। जन्म की तिथि के आधार पर ही यहां पर हर एक मूलांक का आंकलन होता है। जब जन्म की तारीख को जोड़ा जाता है तो उससे जो अंक मिलता है उसे ही मूलांक कहते हैं। मूलांक के जरिए ही किसी भी व्यक्ति की सोच और उसकी पर्सनैलिटी को परखा जा सकता है। अब जैसे किसी का जन्म 1, 10, 19 या फिर 28 तारीख को हुआ है तो ऐसे लोगों का मूलांक 1 होगा। आज मूलांग 1 वालों के बारे में ही बात करेंगे। मूलांक 1 वालों पर सूर्य का असर सबसे ज्यादा होता है क्योंकि ये उनका स्वामी ग्रह होता है। आज जानेंगे कि आखिर सूर्य का असर इन पर क्या होता है और किस कमी के चलते मूलांक 1 वाले अपनी बात खराब कर लेते हैं? साथ ही जानेंगे कुछ उपाय जिससे इस कमी की भरपाई की जा सके।

मूलांक 1 पर सूर्य का असर

अंक ज्योतिष के अनुसार मूलांक 1 का संबंध सूर्य से होता है। सूर्य को एनर्जी और कॉन्फिडेंस के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। सूर्य की वजह से ही मूलांक 1 वालों में लीडरशिप क्वालिटी काफी मजबूत होती है। इस एनर्जी की वजह से ही ये लोग जिंदगी में आगे बढ़ते जाते हैं और इनमें नई-नई जिम्मेदारियां लेने का जज्बा भी बहुत होता है। अब ऐसे में जब सूर्य की स्थिति और भी मजबूत हो तो मूलांक 1 वालों को किसी भी तरह का फैसला लेने में दिक्कत नहीं आती है।

मूलांक 1 वालों की कमी

अंक ज्योतिष के हिसाब से वैसे तो मूलांक 1 वालों में सारी खूबियां होती हैं लेकिन कुछ गलतियों की वजह से ये कई बार काम खराब लेते हैं। इनमें गुस्सा बहुत होता है। ऐसे में गुस्से में कई बार ये ना आगे देखते हैं और ना ही पीछे। इस तरह से चीजें खराब होने लगती हैं। मूलांक 1 वालों को अपनी इस कमी पर जरूर काम करना चाहिए। गुस्से में ये दूसरों की बात भी सुनना पसंद नहीं करते हैं। इस तरह की गलती पर इन्हें कंट्रोल करना चाहिए ताकि आगे चलकर स्थिति खराब ना हो।

रविवार को करें सूर्य का ये उपाय

अब स्वामी ग्रह सूर्य है तो ऐसे में मूलांक 1 वालों को रविवार के दिन एक छोटा सा उपाय जरूर कर लेना चाहिए। दरअसल रविवार दा दिन सूर्य का माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन सूर्य से जुड़ा कोई भी उपाय किया जाए तो उसका फल जरूर मिलता है। मूलांक 1 वालों के रविवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद सूर्य को अर्घ्य जरूर देना चाहिए। यहां पर ध्यान रखें की अर्घ्य तांबे के लोटे से ही देना है। इस दौरान जल में कोई लाल फूल मिला लें। आप चाहें तो इसमें रोली भी डाल सकते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से मूलांक 1 वालों का मन शांत रहेगा। साथ ही इससे कॉनिफिडेंस भी बढ़ता है।

मूलांक 1 वाले पर्स में रखें ये चीज

मूलांक 1 वाले अगर इस उपाय को हमेशा करें तो उनके लिए अच्छा होगा। वैसे तो सलाह दी जाती है कि इस मूलांक के लोग पर्स में हमेशा कोई लाल रंग की चीज रखें। दरअसल माना जाता है कि इस रंग का संबंध सीधे तौर पर सूर्य से जुड़ा हुआ होता है। वहीं अगर आप पर्स में इसे ना रखना चाहें तो तांबे का एक सिक्का भी रखना शुभ होगा। इससे सूर्य की एनर्जी का असर बना रहता है। साथ ही जिंदगी में पॉजिटिव एनर्जी का आगमन होता है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए न्यूमेरेलॉजी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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