जन्मतिथि बताएगी आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट, जानें किस उम्र में बदलेगी किस्मत

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

जन्मतिथि बताएगी आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट। मूलांक 1 से 9 तक जानें किस उम्र में किस्मत बदलती है और भाग्योदय होता है। अंक ज्योतिष के अनुसार अपना महत्वपूर्ण मोड़ अभी चेक करें।

Numerology turning point age
मूलांक के अनुसार किस्मत

अंक ज्योतिष शास्त्र में माना गया है कि प्रत्येक मूलांक पर उससे संबंधित ग्रह का जरूरी रूप से प्रभाव पड़ता है। आपके मूलांक के अनुसार, आप अपने जीवन में आने वाले टर्निंग पॉइंट का भी पता लगा सकते हैं। जन्मतिथि से मूलांक निकाला जाता है और उसी के आधार पर जीवन के महत्वपूर्ण बदलावों का समय जाना जा सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि किस मूलांक वाले लोगों की किस्मत किस उम्र में बदलने वाली है।

मूलांक 1

जिन लोगों का जन्म किसी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 1 होगा। इस मूलांक के स्वामी ग्रह सूर्य देव हैं। सूर्य देव के प्रभाव से इन लोगों में भरपूर ऊर्जा और आत्मविश्वास होता है। ये जातक नेतृत्व करने वाले स्वभाव के होते हैं और चुनौतियों का सामना साहस से करते हैं। इनके करियर में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। इनका भाग्योदय 22 से 28 वर्ष की उम्र के बीच होता है। इस आयु में नए अवसर सामने आते हैं और जीवन की दिशा स्पष्ट होने लगती है।

मूलांक 2

मूलांक 2 उन लोगों का होता है, जिनका जन्म किसी महीने की 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ है। इस मूलांक का संबंध चंद्रमा से है। ऐसे में इस मूलांक के लोग काफी भावुक और शांत स्वभाव के होते हैं। भावनाओं को समझने और दूसरों के साथ तालमेल बिठाने में ये निपुण होते हैं। इनके जीवन में मुख्य टर्निंग पॉइंट अक्सर 24 से 30 वर्ष की उम्र के बीच आता है। इस समय रिश्तों, करियर या पारिवारिक मामलों में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलते हैं।

मूलांक 3

जिस जातक का जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21 या 30 तारीख को होता है, उसका मूलांक 3 होता है। इनके ग्रह स्वामी गुरु यानी बृहस्पति हैं जो ज्ञान, धर्म और बुद्धिमत्ता के प्रतीक हैं। ये लोग रचनात्मक, आशावादी और सीखने-सिखाने वाले स्वभाव के होते हैं। इन जातकों के लिए 27 से 32 साल की उम्र के बीच जीवन का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट होता है। इस आयु में शिक्षा, करियर या व्यवसाय में नई सफलताएं हाथ लगती हैं।

मूलांक 4

जिन लोगों की जन्मतिथि 4, 13, 22 या 31 होती है, उनका मूलांक 4 होता है। इस मूलांक का ग्रह राहु है। अंक ज्योतिष शास्त्र में माना गया है कि इस मूलांक के जातक मेहनती और क्रांतिकारी स्वभाव के होते हैं। ये लोग पुरानी सीमाओं को तोड़कर नया रास्ता बनाने में सक्षम होते हैं। इन लोगों के लिए टर्निंग पॉइंट 30 से 36 वर्ष की आयु के बीच आता है। इस समय कड़ी मेहनत का फल मिलता है और जीवन में स्थिरता आने लगती है।

मूलांक 5

जिस किसी जातक का जन्म किसी महीने की 5, 14 या 23 तारीख को हुआ होता है, उसका मूलांक 5 माना जाता है। इस मूलांक के स्वामी ग्रह बुध हैं जो ज्ञान और बुद्धि के सूचक हैं। ये लोग चंचल, बुद्धिमान और नए अनुभवों की तलाश करने वाले होते हैं। 21 से 27 वर्ष की आयु के बीच का समय इनके लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होता है। इस उम्र में करियर, यात्रा या नए कौशल सीखने के अवसर खुलते हैं और जीवन तेज गति से आगे बढ़ता है।

मूलांक 6

जिन जातकों का जन्म किसी भी महीने की 6, 15 या 24 तारीख को होता है, उनका मूलांक 6 होता है। इस मूलांक का संबंध शुक्र ग्रह से माना गया है। शुक्र ग्रह प्रेम, सौंदर्य और धन के कारक हैं। ये लोग कला, रिश्तों और सुख-सुविधाओं की ओर आकर्षित होते हैं। इन लोगों के लिए 25 से 31 वर्ष की उम्र करियर और जीवन में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट होती है। इस समय प्रेम, विवाह या आर्थिक मामलों में महत्वपूर्ण बदलाव आ सकते हैं।

शनि की साढ़ेसाती हमेशा नहीं होती अशुभ, इन लोगों को दिलाती है मान-सम्मान और तरक्की

मूलांक 7

यह उन लोगों का होता है जिनका जन्म किसी भी महीने की 7, 16 या 25 तारीख को हुआ है। इस अंक पर केतु ग्रह का प्रभाव होता है। केतु के प्रभाव से ये लोग आध्यात्मिक, दार्शनिक और चिंतनशील स्वभाव के होते हैं। गहराई से सोचने और अंदरूनी सच्चाई खोजने की क्षमता इनमें होती है। 28 से 34 साल की उम्र के बीच इन लोगों के लिए जीवन में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव आते हैं। इस आयु में आध्यात्मिक जागरूकता या करियर में नई दिशा मिल सकती है।

महात्मा विदुर की चेतावनी! इन 5 लोगों से दूरी बनाकर रखें, वरना होगा भारी नुकसान

मूलांक 8

मूलांक 8 वालों की जन्मतिथि 8, 17 या 26 होती है। इस मूलांक का संबंध शनि ग्रह से है। शनि के प्रभाव से इस मूलांक के जातक कर्म और अनुशासन प्रिय होते हैं। ये लोग धैर्य और मेहनत से सफलता हासिल करते हैं। अंक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन लोगों को 35 वर्ष की उम्र के बाद जीवन में सफलता मिलती है। इस समय कड़ी मेहनत का परिणाम सामने आता है और आर्थिक उन्नति के साथ सामाजिक स्थिति मजबूत होती है।

बच्चे के जन्म के बाद कितने दिन तक नहीं करनी चाहिए पूजा? जानें सूतक के शास्त्रीय नियम

मूलांक 9

जिस व्यक्ति का जन्म किसी महीने की 9, 18 या 27 तारीख को होता है, उनका मूलांक 9 माना जाता है। इस मूलांक के ग्रह स्वामी मंगल हैं। मंगल के प्रभाव से मूलांक 9 के जातकों में ऊर्जा, साहस और तेज स्वभाव पाया जाता है। ये लोग आगे बढ़ने और चुनौतियों को स्वीकार करने वाले होते हैं। इन लोगों के लिए भाग्य का उदय 26 से 33 वर्ष की उम्र के बीच होता है। इस आयु में करियर, साहसिक कदम या नई शुरुआत के अवसर मजबूत होते हैं।

जन्मतिथि से मूलांक जानकर अपने जीवन के महत्वपूर्ण मोड़ को समझा जा सकता है। सही समय पर सही प्रयास करने से किस्मत जरूर बदलती है।

Navaneet Rathaur

लेखक के बारे में

Navaneet Rathaur

संक्षिप्त विवरण

नवनीत राठौर नए युग के डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें इस क्षेत्र में करीब 7 साल का अनुभव है। वर्तमान में वो भारत की प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान लाइव हिंदुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन के हिस्सा हैं। यहां वह अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष से जुड़ी खबरें लिखते हैं।


विस्तृत बायो परिचय और अनुभव

डिजिटल मीडिया में अपनी अलग पहचान बना रहे नवनीत राठौर धर्म से जुड़ी खबरों को प्रमाणिक तौर पर और आमबोल चाल की भाषा में पाठकों के लिए परोसते हैं। वो अंक ज्योतिष, हस्तरेखा विज्ञान, वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष जैसे विषयों पर लेख लिखकर पाठक को उसकी अहमियत के बारे में बताते हैं। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़े हैं और करीब 5 सालों से काम कर रहे हैं। अपने करियर के दौरान नवनीत ने वेबस्टोरी, फीचर, और एक्सप्लेनर कंटेंट में काम करते हुए अब ज्योतिषीय विषयों को डिजिटल पाठकों तक पहुंचाने में विशेष पहचान बनाई है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

नवनीत ने शारदा विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक और शुभारती विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई की। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान संस्थानों से विषयों को तत्थात्मक और प्रभावी तरीके से समझने का सलीका सीखा। यहीं से उन्हें पत्रकारिता की सीढ़ी मिली।


नवनीत राठौर ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत जनतंत्र न्यूज चैनल से की। इसके बाद उन्होंने सूर्या समाचार और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया। इसके बाद नवनीत लाइव हिंदुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा बने। पाठकों को सरल, विश्वसनीय और प्रेरणादायक जानकारी प्रदान करना ही नवनीत राठौर का मुख्य उद्देश्य है।


विशेषज्ञता (Areas of Expertise)

अंक ज्योतिष
हस्तरेखा विज्ञान
वास्तु शास्त्र
वैदिक ज्योतिष

और पढ़ें
जानें Sawan 2026, Rashifal और Panchang की सटीक जानकारी। रोजाना पूजा-पाठ के लिए पढ़ें Shiv Chalisa, Shiv Aarti, Shiv Mahamrityunjaya Mantra, Shiv Stuti, Hanuman Chalisa और Bajrang Baan
Hindi Newsधर्म न्यूज़जन्मतिथि बताएगी आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट, जानें कब बदलेगी किस्मत