April Full Moon 2026: फुल मून पर मूलांक के अनुसार करें ये उपाय, पर्सनल लाइफ में दिखेंगे बदलाव और मन रहेगा शांत
अप्रैल के महीने में पड़ने वाले फुल मून पर अगर मूलांक के हिसाब से कुछ उपाय कर लिए जाए तो जिंदगी की परेशानियां कम हो सकती हैं। आइए जानते हैं कि मूलांक के हिसाब से कौन-कौन से उपाय करने हैं?

ज्योतिष और अंक शास्त्र (न्यूमेरेलॉजी) में पूर्णिमा के दिन को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन चांद की एनर्जी सबसे ज्यादा होती है और ऐसे में इस दिन किए गए कुछ उपाय जिंदगी को आसान बनाते हैं। साथ ही इनके जरिए मन शांत रहता है और हमारी भावनाएं संतुलित हो पाती हैं। इसी के साथ जिंदगी में कई पॉजिटिव बदलाव भी देखने को मिल जाते हैं। न्यूमेरेलॉजी के हिसाब से हर एक मूलांक के लिए पूर्णिमा के कुछ ऐसे उपाय हैं जिनसे पर्सनल लाइफ में स्थिरता लाई जा सकती है। इस दिन किए गए कुछ उपाय काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। आइए जानते हैं कि 1 से लेकर 9 मूलांक वालों को पूर्णिमा यानी अप्रैल महीने के फुल मून वाले दिन क्या-क्या उपाय करने चाहिए?
बता दें कि अप्रैल में फुल मून 2 तारीख को है। इस दिन मूलांक 1 से लेकर मूलांक 9 वालों को जो उपाय करने हैं वो आप यहां पढ़ें-
मूलांक 1
इनका स्वामी ग्रह सूर्य होता है और इस वजह से इनका स्वभाव लीडर वाला ही होता है। हालांकि कई बार इनका कॉन्फिडेंस हिलता हुआ दिखता है। ऐसे में फुल मून पर इन्हें 10 से 15 मिनट का मेडिटेशन जरूर करना चाहिए। इसके अलावा अपनी विशेज को कहीं नोट करें और मन ही मन सोचें कि ये सब पूरा हो रहा है।
मूलांक 2
इस मूलांक का ग्रह स्वामी चंद्रमा ही है। ऐसे में ये लोग काफी इमोशनल होते हैं। अपने इमोशन्स को बैलेंस करने के लिए इन्हें फुल मून पर उपाय जरूर करना चाहिए। इस दिन मूलांक 2 वालों को रात में सफेद रंग की मोमबत्ती जलाकर कुछ देर बैठना चाहिए। ध्यान रखें कि आपको शांत रहकर बैठना है। वहीं चांदी या फिर कांच के ग्लास में पानी भरकर उसे चांदनी रात के नीचे रखें और सुबह होते ही उसे पी लें।
मूलांक 3
इस मूलांक का ग्रह स्वामी गुरु है। फुन मून के दिन इन्हें अपनी इच्छा को एक डायरी में नोट करना चाहिए। साथ ही इस दिन किताबें पढ़ना भी इनके लिए फायदेमंद होगा। इसके अलावा मूलांक 3 वाले लोग फुल मून वाले दिन जरूरतमंद लोगों को दान दे सकते हैं। ऐसा करना काफी शुभ माना जाता है।
मूलांक 4
इस मूलांक का ग्रह स्वामी राहु होता है। ये लोग काफी मेहनती होते हैं। फुल मून की रात इन्हें क्वार्ट्ज या कोई भी क्रिस्टल खुले आसमान के नीचे रखना चाहिए। इसके साथ ही अपनी विशेज का एक विजन बोर्ड बनाकर उसमें सारी प्लानिंग लिखें। शांत मन से टहलें और क्रिस्टल को अगले दिन उठाकर हमेशा अपने पास रखें।
मूलांक 5
इनका ग्रह स्वामी बुध होता है। पूर्णिमा यानी फुल मून वाली रात इन चीजों को कागज पर लिखें जो तकलीफ पहुंचा रही हैं। इसे बाद में जला दें क्योंकि ऐसा करने से मन हल्का होगा। नेचर के बीच रहें और गहरी सांस लेने की प्रैक्टिस करें।
मूलांक 6
मूलांक 6 वालों का ग्रह स्वामी शुक्र होता है। फुल मून की रात अच्छी सुगंध वाला अगरबत्ती चलाएं। स्नान करते वक्त पानी में फूल डाल दें। मन ही मन सोचें कि आप की जिंदगी में सुख-समृद्धि की वृद्धि हो रही है। इस उपाय से पर्सनल लाइफ में आ रही दिक्कतें कम होंगी।
मूलांक 7
इनका ग्रह स्वामी केतु है। इस मूलांक के लोग खूब ओवरथिंक करते हैं। फुल मून की रात शांत सी जगह पर बैठकर मेडिटेशन करें। मोबाइल से दूर रहें और अपने मन की आवाज को सुनें। आप मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं। इसे करने से आपको शांति मिलेगी।
मूलांक 8
इस मूलांक का ग्रह स्वामी शनि है। फुल मून की रात अपने पर्स और कुछ सिक्कों को चांदनी रात के नीचे रखें। आगे के बारे में सोचें। अपनी अच्छी फाइनेंशियल कंडीशन की कल्पना करें। ऐसा करने से आपकी फाइनेंशियल स्थिति आगे चलकर मजबूत होगी।
मूलांक 9
इस मूलांक का ग्रह स्वामी मंगल है। ये लोग स्वभाव से इमोशनल होते हैं और लोगों की मदद करे हैं। फुल मून वाले दिन पुराने किसी गुस्से को भूल जाएं। अपने दुखों को पीछे छोड़ने की कोशिश करें। कोशिश करें कि इस दिन आप किसी जरूरमंद इंसान को कुछ दान कर दें। इससे आपका मन हल्का होगा और नई शुरुआत के रास्ते भी खुल जाएंगे।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए अंकशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)
लेखक के बारे में
Garima Singhशॉर्ट बायो:
गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।
परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।
करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।
एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।
व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।
विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
वास्तु शास्त्र
अंक शास्त्र
रत्न शास्त्र
फेंगशुई
हस्तरेखा शास्त्र


