न्यूमेरेलॉजी: इन तारीखों पर जन्मे लोगों का ईगो ना करें हर्ट, अंत तक निभाते हैं दुश्मनी, ये चीजें करती हैं ट्रिगर

Garima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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न्यूमेरेलॉजी के अनुसार कुछ मूलांक ऐसे हैं जिनके जातकों का ईगो जब हर्ट हो तब वो किसी की भी नहीं सुनते हैं और जिन्होंने उनका दिल दुखाया होता है तो वो उन्हें पलटकर फिर कभी नहीं देखते हैं। जानें ऐसे लोगों के बारे में-

न्यूमेरेलॉजी: इन तारीखों पर जन्मे लोगों का ईगो ना करें हर्ट, अंत तक निभाते हैं दुश्मनी, ये चीजें करती हैं ट्रिगर

Numerology: न्यूमेरेलॉजी की दुनिया को अगर बारीकी से समझने की कोशिश की जाए तो ये काफी दिलचस्प है। न्यूमेरेलॉजी यानी अंकशास्त्र का तानाबाना मूलांक के साथ जुड़ा हुआ है। मूलांक हमारे बर्थडेट से संबंधित होता है। अगर हम अपने बर्थ डेट को जोड़े तो वो अंक हमारा मूलांक होता है। न्यूमेरेलॉजी की दुनिया में मूलांक ही वो हीरो है जिसके दम पर सब डिसाइड होता है।

आज बात करेंगे उन लोगों की जो स्वभाव से ऐसे होते हैं कि अगर कोई उनका दिल दुखाए या नीचा दिखाए तो वो फिर मुड़कर कभी नहीं देखते हैं। बता दें ऐसे तीन मूलांक हैं जिसके जातक ठीक ऐसे ही हैं। ये तीन मूलांक हैं- 1, 8 और 9। नीचे विस्तार से जानते हैं इनके बारे में कि आखिर ये ऐसे क्यों हैं?

मूलांक और ग्रहों का संबंध

बता दें कि हर एक मूलांक का कोई ना कोई ग्रह स्वामी होता है। इस ग्रहों का असर इन पर विशेष रूप से होता है। ग्रहों की स्थिति बदलते ही हर एक मूलांक के जातकों पर भी थोड़ा असर जरूर पड़ता है तो चलिए जानते हैं कि आखिर मूलांक 1, 8 और 9 वाले जातकों का संबंध किन-किन ग्रहों से है और इन लोगों से टक्कर क्यों नहीं लेनी चाहिए?

मूलांक 1

1. जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19 या फिर 28 तारीख को होता है, उनका मूलांक 1 होता है। मूलांक 1 वालों का स्वामी ग्रह सूर्य है।

2. सूर्य की एनर्जी की वजह से इस मूलांक के लोग काफी स्वाभिमानी होते हैं। अब ऐसे में अगर इनका ईगो हर्ट हो जाता है तो फिर ये अपने आप की भी नहीं सुनते हैं।

3. अगर किसी ने भी गलती से इनका दिल तोड़ा तो फिर ये उनके दुश्मन बन जाते हैं या फिर जिंदगी भर के लिए बात नहीं करते हैं क्योंकि ये चीज इन्हें काफी ट्रिगर करती है।

4. वैसे तो इस मूलांक के लोग काफी इमोशनल भी होते हैं। हालांकि ईगो हर्ट होने पर ये मुश्किल से ही फिर पलटकर देखते हैं। ऐसे में इस मूलांक से दुश्मनी सोच-समझकर करनी चाहिए क्योंकि छिप-छिपाकर कुछ नहीं करते हैं। जो भी होता है सब सामने होता है।

मूलांक 8

1. जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 8, 17 या फिर 26 तारीख को होता है तो ऐसे लोगों का मूलांक 8 होता है। इनका स्वामी ग्रह शनि होता है।

2. स्वामी ग्रह शनि है तो मूलांक 8 वाले हमेशा से ही मेहनती होते हैं। ये कई मौकों पर गंभीर ही रहते हैं। इन्हें भीड़ में रहना पसंद नहीं आता है।

3. वैसे तो मूलांक 8 वालों में बहुत सहनशीलता होती है लेकिन कभी भी किसी ने इन्हें चोट पहुंचाई तो फिर वो उस शख्स को जिंदगी भर नहीं भूल सकते हैं।

4. अगर कोई इनकी नजर से बुरी चीजों के वजह से नजर से उतर गया तो फिर इनकी गुडबुक में दोबारा शामिल नहीं हो पाएगा।

मूलांक 9

1. जिन लोगों का जन्म किसी भी महीने की 9, 18 या फिर 27 तारीख को होता है, उनका मूलांक 9 होता है। इस मूलांक का स्वामी ग्रह मंगल है।

2. मंगल की वजह से मूलांक 9 वालों की एनर्जी को देखने लायक होती है। इन्हें किसी का भी डर नहीं होता है और इसी वजह से ये रिस्क लेने से भी नहीं डरते हैं।

3. मंगल की वजह से ये अपने बारे में कभी भी गलत चीज नहीं सुन सकते हैं। हालांकि अगर चीजें सही क्रिटिज्म तक हो तो ये हर बात मानेंगे लेकिन अपमान ये किसी का नहीं सह सकते हैं।

4. अगर किसी ने इन्हें जानबूझकर नीचा दिखाने की कोशिश करेगा तो ये बिना किसी डर के करारा जवाब दे सकते हैं। उसके बाद वो ऐसे इंसान से पूरी जिंदगी भर के लिए किनारा कर लेते हैं।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए न्यूमेरेलॉजी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

Garima Singh

लेखक के बारे में

Garima Singh

शॉर्ट बायो: गरिमा सिंह एक अनुभवी डिजिटल पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में कार्यरत हैं। वह वास्तु, अंक शास्त्र, रत्न शास्त्र, फेंगशुई और राशिफल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं।

परिचय और अनुभव
गरिमा सिंह डिजिटल मीडिया में लंबे समय से सक्रिय हैं। इस समय वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने अपने करियर में न्यूज, फीचर और एक्सप्लेनर कंटेंट पर काम किया है। अब वह ज्योतिष से जुड़े विषयों को सरल और व्यावहारिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाती हैं। उनके आर्टिकल की खास बात ये है कि वह जटिल ज्योतिषीय बातों को आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश करती हैं ताकि जिसे एस्ट्रोलॉजी का ए भी नहीं पता है वह भी आसान तरीके से चीजों को समझ सके और उस पर अमल कर सके।

करियर
गरिमा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत रेडियो चैनल रेड एफएम से की। यहां पर उन्होंने रेडियो से जुड़ी बारिकियों को समझने की कोशिश की और मॉर्निंग शो को प्रोड्यूस करने के साथ-साथ कॉपी राइटिंग का भी काम संभाला। साथ में कई विज्ञापनों में वॉइस ओवर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने डीडी न्यूज, जी न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में डिजिटल और टीवी पत्रकारिता को करीब से जाना और समझा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का यह अनुभव आज उनके डिजिटल राइटिंग और स्टोरीटेलिंग के तरीके को और भी प्रभावशाली बनाता है।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि
गरिमा ने साइकोलॉजी, इकोनॉमिक्स और इंग्लिश विषयों में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन दिल्ली और जामिया मिलिया इस्लामिया से टीवी और रेडियो पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इस दौरान उन्होंने इंटर्नशिप भी की। वह जामिया मिलिया इस्लामिया की गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुकी हैं।

एस्ट्रोलॉजी लेखन की सोच
गरिमा का मानना है कि ज्योतिष का उद्देश्य डर पैदा करना नहीं, बल्कि लोगों को सही दिशा और सकारात्मक सोच देना होना चाहिए। उनका फोकस होता है- सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट। वह शिव पुराण और कई और शास्त्रों की जटिल कथाओं को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। गरिमा वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी के अलावा फेंगशुई की किताबें पढ़ती रहती हैं और वहां की उपयोगी जानकारियों को पाठकों के साथ समय-समय पर साझा करती हैं।

व्यक्तिगत रुचियां
काम के अलावा गरिमा को गार्डनिंग, कुकिंग और टेबल टेनिस खेलना पसंद है। वह कानपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक संतुलित जीवनशैली में विश्वास करती हैं।

विशेषज्ञता (Areas of Expertise)
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