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Nirjala Ekadashi vrat rules: 17,18, निर्जला एकादशी कब, इस दिन क्या चीजें नहीं खाते

Nirjala Ekadashi vrat mein kya nahi khate: निर्जला एकादशी के दिन बिना जल के उपवास रहने से साल की सारी एकादशियों का पुण्य फल प्राप्त होता है। इस साल यह व्रत 18 जून को रखा जाएगा, कुछ लोग 17 जून को निर्जला एकादशी व्रत रख रहे हैं। उदया तिथि के अनुसार 18 जून को व्रत रखना उत्तम है।

nirjala ekadashi 2019
Anuradha Pandey नई दिल्ली, एजेंसी/लाइव हिन्दुस्तान टीमMon, 17 June 2024 08:57 AM
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निर्जला एकादशी के दिन बिना जल के उपवास रहने से साल की सारी एकादशियों का पुण्य फल प्राप्त होता है। इस साल यह व्रत 18 जून को रखा जाएगा, कुछ लोग 17 जून को निर्जला एकादशी व्रत रख रहे हैं। उदया तिथि के अनुसार 18 जून को व्रत रखना उत्तम है। कहते हैं इस दिन निर्जल रहकर भगवान विष्णु के ओउम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र के जाप करने के बाद भगवान विष्णु का भजन कीर्तन करते हैं। व्रत रखकर इस दिन गरीब लोगों को दान करना आपको करोड़ो गुना फल देगा।इस दिन जो जल दान दिया जाता है उसका करोड़ों गुणा फल मिलता है। आइए जानते हैं इस व्रत में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

व्रत न रखने वालों को भी मानने चाहिए नियम
 

एकादशी पर जो लोग व्रत रखते हैं उन्हें तो व्रत के नियम मानने चाहिए, लेकिन जो लोग व्रत नहीं रखते हैं, उन्हें भी कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। एकादशी के दिन चावल, दाल, बैंगन, मूली और सेम भी नहीं खाना चाहिए। एकादशी के दिन मांस, मदिरा, प्याज लहसुन ये सभी तामसिक पदार्थों में शामिल हैं। एकादशी की रात सोना नहीं चाहिए दिनभर कम बोलें और हो सके तो मौन रहने की कोशिश करें। ब्रह्मचर्य का पालन करें। झूठ न बोलें, गुस्सा और विवाद न करें। बल्कि रात में भगवान विष्णु के भजन कीर्तन करने चाहिए। एकादशी व्रत में पानी पीना वर्जित माना जाता है, इसलिए इसे निर्जला एकादशी कहते हैं। अगर जरूरी लगे तो आप कुल्ला कर सकते हैं।, अ गर आप बीमार हैं तो पानी पी सकते हैं, फलाहार भी कर सकते हैं, वरना अगले दिन सुबह व्रत के पारण के समय ही पानी पी सकते हैं। पवित्रीकरण के समय जल आचमन के अलावा अगले दिन सूर्योदय तक पानी नहीं पीएं।

 

निर्जला एकादशी पर जलदान के अलावा किन चीजों का करना चाहिए दान

निर्जला एकादशी के दिन अन्न, वस्त्र, गौ, जल, शैय्या, सुन्दर आसन, कमण्डलु और छाता दान करने चाहिए। लेकिन जल से भरा घड़ा या किसी प्यासे को गर्मी में जल दान करना सबसे उत्तम दान है। श्रेष्ठ तथा सुपात्र ब्राह्मण को जूता दान करना भी उत्तम है। 

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