Nirjala Ekadashi Vrat Paran: 26 जून को निर्जला एकादशी व्रत पारण का शुभ समय क्या है? जानिए यहां

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Nirjala Ekadashi Vrat Paran Muhurat 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का पारण शुभ मुहूर्त में करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में किए गए व्रत पारण से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है। जानें 26 जून को निर्जला एकादशी व्रत पारण का क्या मुहूर्त है।

Nirjala Ekadashi Vrat Paran Muhurat 2026

Nirjala Ekadashi Vrat Paran Muhurat 2026: हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी व्रत अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। साल की 24 एकादशियों में से निर्जला एकादशी सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है। इस व्रत को बिना अन्न और जल ग्रहण किए रखा जाता है। इसलिए यह व्रत सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। इस बार निर्जला एकादशी व्रत 25 जून, गुरुवार को है। इस व्रत में भगवान विष्णु की उपासना की जाती है और अगले दिन भी विधि-विधान से पूजन करने के बाद व्रत का पारण किया जाता है। हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि और शुभ मुहूर्त में करना शुभ माना जाता है। जानें निर्जला एकादशी व्रत का पारण किस समय किया जाएगा।

26 जून को निर्जला एकादशी व्रत पारण का शुभ समय क्या है:

पंचांग के अनुसार, निर्जला एकादशी व्रत पारण का शुभ मुहूर्त 26 जून 2026, शुक्रवार को सुबह 05 बजकर 49 मिनट से सुबह 09 बजकर 03 मिनट तक रहेगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय शाम 06 बजकर 52 मिनट है।

पारण के दिन द्वादशी कितने बजे समाप्त होगी:

द्वादशी तिथि 25 जून 2026 को शाम 04 बजकर 39 मिनट पर प्रारंभ होगी और 26 जून को शाम 06 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी।

द्वादशी तिथि के भीतर पारण क्यों जरूरी:

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के भीतर करना ही शुभ होता है। द्वादशी तिथि के अंदर व्रत का पारण नहीं करना पाप के समान होता है।

एकादशी व्रत पारण क्या खाकर करना चाहिए:

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, एकादशी व्रत का पारण सात्विक चीजों का सेवन करके करना चाहिए। निर्जला एकादशी व्रत का पारण जल और तुलसी दल से करना अति उत्तम माना जाता है।

निर्जला एकादशी व्रत का लाभ:

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जो भक्त साल भर के एकादशी व्रत करने में सक्षम नहीं है, वह सिर्फ निर्जला एकादशी व्रत कर सकते हैं। मान्यता है कि निर्जला एकादशी व्रत करने से सभी एकादशी व्रतों के समान पुण्य मिलता है। पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति और खुशहाली आती है।

निर्जला एकादशी के बाद कौन सी एकादशी आती है:

निर्जला एकादशी के बाद योगिनी एकादशी व्रत किया जाता है। इस साल योगिनी एकादशी 10 जुलाई 2026, शुक्रवार को है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Saumya Tiwari

लेखक के बारे में

Saumya Tiwari

संक्षिप्त विवरण

सौम्या तिवारी लाइव हिन्दुस्तान की एस्ट्रोलॉजी टीम का हिस्सा हैं और इस संस्थान के साथ करीब 5 वर्षों से अधिक समय से जुड़ी हैं। इन्हें डिजिटल पत्रकारिता में करीब 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। यहां वह ग्रह राशि परिवर्तन, टैरो, वैदिक ज्योतिष, फेंगशुई, अंकराशि, रत्न शास्त्र और व्रत-त्योहार आदि से जुड़ी खबरें लिखती हैं।


विस्तृत बायो


परिचय और अनुभव

सौम्या तिवारी की ग्रह राशि परिवर्तन, व्रत-त्योहार, सामुद्रिक शास्त्र, अंकज्योतिष, वास्तु शास्त्र एवं फेंगशुई, कथा-कहानी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ है। उन्हें ज्योतिष एवं धार्मिक विषयों में करीब 6 वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में बतौर डिप्टी कंटेंट प्रोड्यूसर कार्यरत हैं और धर्म व ज्योतिष (एस्ट्रोलॉजी) सेक्शन का हिस्सा हैं।


इसके अलावा उन्होंने मनोरंजन (एंटरटेनमेंट) और राजनीतिक (पॉलिटिक्स) विषयों पर भी विभिन्न मीडिया संस्थानों में काम किया है। लाइव हिन्दुस्तान में सौम्या की टॉप परफॉर्मेंस रही है, जिसके लिए उन्हें कई बार पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। खाली समय में वह धार्मिक ग्रंथों और पुराणों का अध्ययन करना और पाठकों तक सही जानकारी पहुंचाना पसंद करती हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

सौम्या तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक (बीए) किया है और जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से जनसंचार एवं पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा प्राप्त किया है। पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही उन्हें हैदराबाद की लोकल न्यूज वेबसाइट इंडिलिक्स से पहली नौकरी का प्रस्ताव मिला।


इसके बाद वह जनसत्ता (द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप), द क्विंट और जी न्यूज जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों से जुड़ी रहीं। साल 2020 में वह लाइव हिन्दुस्तान के धर्म व ज्योतिष सेक्शन का हिस्सा बनीं।


व्यक्तिगत रुचियां

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले की रहने वाली सौम्या तिवारी को धार्मिक और ज्योतिषीय विषयों की जानकारी जुटाना पसंद है। इसके अलावा उन्हें नई-नई जगहों पर घूमने का भी शौक है।


विशेषज्ञता

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